फार्मा सेक्टर की लोकप्रिय कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज (Sun Pharmaceutical Industries) को लगातार निवेशकों का प्यार मिल रहा है। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में तकरीबन 11 पर्सेंट की बढ़ोतरी रही। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी के शानदार नतीजों से निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
बहरहाल, कंपनी के शेयरों में भले ही तेजी है, लेकिन इसको लेकर एक्सपर्ट्स की अलग राय है। मनीकंट्रोल (Moneycontrol) के एनालिस्ट कॉल ट्रैकर के मुताबिक, कंपनी के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय बाजार के ट्रेंड के बिल्कुल उलट है। जुलाई में कई ब्रोकरेज फर्मों ने इसे 'होल्ड' रेटिंग दी, जबकि कैश मार्केट में इसमें बढ़त रही।
सन फार्मा के ग्रोथ आउटलुक को लेकर एक्सपर्ट्स का भरोसा कायम है, लेकिन कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी के खर्च में बढ़ोतरी और महंगी वैल्यूएशन की वजह से निकट भविष्य में कंपनी के शेयरों में गिरावट हो सकती है।
पिछले महीने कंपनी के लिए 'बाय' रेटिंग की संख्या 39 से घटकर 36 हो गई, जबकि होल्ड रेटिंग की संख्या 0 से बढ़कर 3 हो गई। इस दौरान 'सेल' रेटिंग की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ।
ब्रोकरेज फर्म SMIFS ने सन फार्मा के लिए 'रिड्यूस' रेटिंग तय की है। फर्म का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी का EBITDA मार्जिन दबाव में रह सकता है।
रिसर्च एंड डिवेलपमेंट (आरएंडडी) खर्च में बढ़ोतरी की वजह से ऐसा होगा। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दिलीप सांघवी ने मार्च नतीजों के बाद इनवेस्टर कॉल में कहा था कि फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी का आरएंडडी खर्च कुल सेल्स का 7-8 पर्सेंट रह सकता है।
एक और ब्रोकरेज फर्म सिस्टमैटिक्स शेयर्स एंड स्टॉक्स (इंडिया) ने जून तिमाही के नतीजों के बाद कंपनी की रेटिंग को डाउनग्रेड कर 'होल्ड' कर दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सन फार्मा के शेयर की मौजूदा वैल्यूएशन, फाइनेंशियल ईयर 2025 की प्रति स्टॉक अनुमानित अर्निंग का 25 गुना है और इस वजह से कंपनी के शेयर में बढ़ोतरी की गुंजाइश सीमित है।
बहरहाल, एक्सपर्ट्स भले ही आरएंडडी खर्चों की वजह से निकट भविष्य में सन फार्मा के मार्जिन को लेकर चिंतित हों, लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट्स को इसकी लॉन्ग टर्म ग्रोथ बेहतर रहने की उम्मीद है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में 9 अगस्त को कंपनी का शेयर 0.4 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 1152.80 रुपये पर बंद हुआ।