बाजार की चाल को लेकर इनवेस्टर्स उलझन में हैं। पीछे दो कदम बढ़ाने के बाद बाजार आगे तीन कदम बढ़ा रहा है। ऐसे में बाजार में बड़ी तेजी आएगी या बड़ी गिरावट, इस सवाल का जवाब इनवेस्टर्स को नहीं मिल रहा। Applied Elliott Wave के फाउंडर और मार्केट के दिग्गज अनंत आचार्य का कहना है कि निफ्टी (Nifty) अगले छह महीनों में 15,200 अंक तक जा सकता है। फिर उसमें तेजी देखने को मिलेगी।
आचार्य ने कहा कि निफ्टी छह महीनों में 15,200 पर आ सकता है। यह पहले 18,600 या 20,000 तक जाएगा। फिर, 15,200 पर आएगा। उसके बाद यह 18,600 को ब्रेक करेगा। ऐसा होने पर इसमें पांच साल तक तेजी देखने को मिलेगी। यह 27,000 के स्तर तक जा सकता है।
बाजार के छोटे शेयरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि Nifty IT या Nifty 500 वैसी मजबूती नहीं दिखा रहे जैसी Nifty 50 में दिख रही। हम एक ट्रायंगल या कंसॉलिडेशन पैटर्न पर गौर कर रहे हैं। आम तौर पर दो समानांतर लाइंस के बीच कंसॉलिडेशन पैटर्न तब दिखता है जब यह माना जाता है कि बुलिश और बेयरिश सेंटिमेंट के बीच एक संतुलन है।
उन्होंने कहा कि अगर निफ्टी 18,600 को पार कर जाता है तो इसे ब्रेकआउट कहा जाएगा। फिर, इनवेस्टर्स निवेश में आक्रामक रुख दिखाएंगे। उसके बाद निफ्टी या बाजार की सबसे बड़ी कमजोरी सामने आएगी। जब हर व्यक्ति आक्रामक रुख दिखा रहा होता हो बाजार के एक तरफ झुकने की आशंका होती है। हमें यह समझना होगा कि बाजार क्यों अपनी दिशा बदलता है? यह इसलिए ऊपर नहीं जाता है कि कोई बड़ा इनवेस्टर बाजार में आ जाता है। यह इसलिए ऊपर जाता है कि लोगों को यह उम्मीद होती है कि उनके लिए हायर प्राइस पर बेचने के मौके होंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले साल अक्टूबर में हम अभी के मुकाबले बेहतर स्थिति में थे। अभी जियोपॉलिटिकल टेंश है, ग्रोथ को लेकर चिंता बनी हुई है। इसलिए बाजार के इतने ऊंचे लेवल पर बने रहने की कोई वजह नहीं है। दुनियाभर में केंद्रीय बैंक इनफ्लेशन के खिलाफ लड़ाई लड रहे हैं। इसलिए अभी बाजार जहां है, वहां से रैली शुरू होने की उम्मीद नहीं दिख रही।
आचार्य ने कहा कि आईटी इंडेक्स को करीब 31,000 पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। फिर यह गिरकर 25,000 पर आ जाएगा। यह और 20 फीसदी की गिरावट होगी। कंसॉलिडेशन पैटर्न दो समानांतर लाइन दिखा रहा है। इसका मतलब है कि बुलिश और बेयरिश सेंटिमेंट के बीच संतुलन की स्थिति है।