शेयर बाजार (Stock Markets) में तेजी का रुख है। ऐसे में कई अच्छी कंपनियों के शेयरों की कीमतें हाई लेवल पर पहुंच गई हैं। कई इनवेस्टर्स ऐसे शेयरों की तलाश में हैं, जिनके आगे शानदार रिटर्न देने की संभावना है। अगर मार्केट के दिग्गज इनवेस्टर और BSE के सदस्य रमेश दमानी (Ramesh Damani) की मानें तो पीएसयू (PSU) और टेक्नोलॉजी शेयरों (Technology Shares) में निवेस से शानदार प्रॉफिट कमाया जा सकता है। उन्होंने मनीकंट्रोल से स्टॉक मार्केट और शेयरों में निवेश के बारे में खुलकर बातचीत की।
दमानी ने कहा कि उन्होंने पीएसयू शेयरों में निवेश बढ़ाया है। उन्होंने कहा, "कई कंपनियों का बिजनेस बहुत अच्छा है। Bharat Electronics एक अच्छा उदाहरण है। यह 20 रुपये का शेयर था। कंपनी का मार्केट कैप 160 करोड़ रुपये था। अब इसका मार्केट कैप 60,000 करोड़ रुपये हो गया है। इसके आगे दोगुना हो जाने की उम्मीद है। इसने लंबी अवधि में पैसा बनाने में इनवेस्टर्स की मदद की है। ज्यादातर लोग गलती यह करते हैं कि वे FMCG शेयरों की तुलना PSU शेयरों से करते हैं।"
उन्होंने कंपाउंडिंग को दुनिया का आठवां आश्चर्य बताया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति मार्केट से जो सबसे बड़ी चीज सीख सकता है, वह है पैसे को कैसे कंपाउंड किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "आप सीखते हैं कि जब लोहा गर्म हो तो आपको चोट करनी है। तभी आप मौके का फायदा उठा सकते हैं।"
दिग्गज निवेशक ने मार्केट में कामयाब होने के मंत्र के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, "जब मार्केट में भरोसा दिख रहा हो तो आपको रिस्क लेना चाहिए। मेरे लिए बड़े पॉजिशन खरीदने के ट्रिक ने हमेशा काम किया है। वॉल स्ट्रीट में कहा जाता है कि Bull पैसे बनाते हैं, Bears पैसे बनाते हैं, लेकिन Pigs कुर्बान हो जाते हैं। लेकिन, यह पूरी तरह सही नहीं है। क्योंकि कई बार आपको मार्केट में Pigs बनना पड़ता है।" मार्केट में पिग्स ऐसे इनवेस्टर को कहते हैं, जो बहुत ज्यादा रिस्क लेते हैं।
दमानी का मानना है कि Nifty 20,000 अंक पर पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि वह अगले 30 साल तक इंडियन मार्केट को लेकर बुलिश बने रहेंगे। उनका यहां तक कहना है कि आने वाले 30 साल बीते 30 सालों के मुकाबले ज्यादा शानदार होंगे। दिवंगत इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जिंदगी में अच्छे मेन्टॉर होना जरूरी है।
दमानी ने कहा, "पहला दिग्गज जिसका मैंने 2005 में इंटरव्यू किया था, वह राकेश झुनझुनवाला थे। चूंकि वह फाइनेंशियल मार्केट की इतन अहम आवाज थे कि मेरा मानना था कि मुझे उन्हें एक स्टार जैसी श्रद्धांजलि देनी चाहिए। हम पीछे मुड़कर उन चीजों को देखेंगे जो पिछले 30 साल में उनसे सीखने को मिलीं।"