LIC के शेयरों का प्रदर्शन लिस्टिंग के बाद से बहुत खराब रहा है। एलआईसी के आईपीओ में पैसे लगाने वाले लाखों निवेशकों का काफी पैसा डूब गया है। इनमें बड़ी संख्या में LIC के पॉलिसीहोल्डर्स शामिल हैं। लिस्टिंग के बाद से यह शेयर 30 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इस बीच JP Morgan की रिपोर्ट अंधरे में उजाल की किरण जैसी दिखती है।
जेपी मॉर्गन ने एलआईसी के शेयरों की चाल पलटने की उम्मीद जताई है। इसके एनालिस्ट्स का कहना है कि अभी LIC के शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव है। उन्होंने LIC के शेयर के लिए 840 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है। यह टारगेट मार्च 2023 के लिए है।
जेपी मॉर्गन ने कहा है कि वित्त वर्ष 2023 में अनुमानित 0.75 गुना एंटरप्राइज वैल्यू (EV) के साथ यह इंश्योरेंस का सबसे सस्ता शेयर है। प्राइवेट सेक्टर की इंश्योरेंस कंपनियों के शेयरों में 2-3 गुना पर कारोबार हो रहा है। हालांकि, उनकी ग्रोथ तेज रही है।
जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के मुताबिक एलआईसी के शेयरों में करीब 200 रुपये की तेजी आ सकती है। सोमवार को एलआईसी के शेयर कमजोर खुले। लेकिन, थोड़ी देर बाद ही हरे निशान में आ गए। 11:06 बजे यह शेयर 0.14 फीसदी की तेजी के साथ 655.45 रुपये पर चल रहा था।
बातो शुक्रवार को एलआईसी का मार्केट कैपिटलाइजेशन गिरकर 4.13 लाख करोड़ रुपये रह गया थै। यह देश की सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली टॉप कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई है। यह छठे पायदान पर आ गई है। लिस्टिंग से अब तक इस शेयर के इनवेस्टर्स के 1.87 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं। 17 मई को लिस्टिंग के दिन इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 6 लाख करोड़ रुपये था। तब यह देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी थी।
LIC का आईपीओ 3 मई को ओपन हुआ था। यह 9 मई को बंद हुआ। सरकार ने इस कंपनी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपये हासिल किए थे। एंकर इनवेस्टर्स ने एलआईसी के 5.93 करोड़ शेयर खरीदे थे। कंपनी ने 949 रुपये पर इनवेस्टर्स को शेयर जारी किए थे। एंकर इनवेस्टर्स में ज्यादा घरेलू फंड्स थे।
LIC के आईपीओ में देश और विदेश के एंकर इनवेस्टर्स ने पैसे लगाए थे। इनमें गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर, एसबीआई म्यूचुअल फंड, HDFC Mutual Fund और एक्सिस म्यूचुअल फंड शामिल थे। लेकिन, ज्यादा निवेश घरेलू म्यूचुअल फंडों ने किया था। इस इश्यू में म्यूचुअल फंड की 99 स्कीमों में 4000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे।
इस इश्यू में LIC के पॉलिसीहोल्डर्स ने खूब दिलचस्पी दिखाई थी। पॉलिसीहोल्डर्स का कोटा छह गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसकी वजह डिस्काउंट था। कंपनी ने अपने पॉलिसीहोल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट दिया था। रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट मिला था। इस वजह से रिटेल इनवेस्टर्स ने भी इस इश्यू में अच्छी दिलचस्पी दिखाई थी।