अशोक लेलैंड का प्रदर्शन जून तिमाही में अछा रहा। हालांकि, मीडियम एंड हैवी कमर्शियल व्हीकल्स इंडस्ट्री में मांग कमजोर रही। इसका असर अशोक लेलैंड पर भी पड़ा। साल दर साल आधार पर कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ सिर्फ 2 फीसदी रही। लेकिन, घरेलू बाजार में कंपनी ने 15,566 गाड़ियां बेची जो पहली तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा वॉल्यूम है। साल दर साल आधार पर एक्सपोर्ट वॉल्यूम में 29 फीसदी उछाल आया। इसमें पश्चिम एशिया, शॉर्क और अफ्रीकी देशों में अच्छी बिक्री का हाथ रहा।
MHCV इंडस्ट्री रिकवरी के संकेत
जून तिमाही में Ashok Leyland का एबिड्टा मार्जिन साल दर साल आधार पर 52 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ा। इसमें प्रोडक्ट मिक्स में इम्प्रूवमेंट का हाथ रहा। मैटेरियल कॉस्ट में भी 152 बेसिस प्वाइंट्स की कमी आई। MHCV इंडस्ट्री रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। हालांकि सुस्त 2024 के बाद नए वित्त वर्ष की शुरुआत भी कुछ-कुछ सुस्त रही। आगे इंडस्ट्री में डिमांड बढ़ सकती है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ा रही है। मानसून की बारिश अच्छी है। इसका पॉजिटिव असर MHCV, LCV और ICV की डिमांड पर पड़ सकता है।
बाजार हिस्सेदारी में इजाफा
छोटी-बड़ी कमर्शियल व्हीकल्स की डिमांड में रिकवरी का फायदा अशोक लेलैंड को मिलेगा। मीडियम एंड हैवी कमर्शियल व्हीकल्स (MHCV) मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी जून तिमाही में बढ़कर 30.7 फीसदी पर पहुंच गई। एक साल पहले की समान अवधि में यह 29.8 फीसदी थी। लाइट कमर्शिय व्हीकल्स (LCV) मार्केट में भी कंपनी की बाजार साल दर साल आधार पर 120 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 12.9 फीसदी पहुंच गई। लेकिन, सबसे ज्यादा डिमांड बस सेगमेंट में बढ़ने की उम्मीद है। ट्रैक्टर और ट्रेलर सेगमेंट में भी रिकवरी और ग्रोथ के स्ट्रॉन्ग संकेत दिख रहे हैं।
FY26 में ग्रोथ डबल डिजिट में रहने की उम्मीद
अशोक लेलैंड ने आगे कंपनी की ग्रोथ अच्छी रहने की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि इस साल सितंबर तिमाही में पिछले साल की सितंबर तिमाही के कमजोर बेस का भी फायदा मिलेगा। ऑपरेटर्स की मुनाफा कमाने की क्षमता बढ़ रही है। फ्रेट रेट में स्टैबिलिटी है। यूटिलाइजेशन पीक की तरफ बढ़ रहा है। अशोक लेलैंड के डिफेंस वर्टिकल का प्रदर्शन अच्छा बना हुआ है। डिफेंस ऑर्डर पाइपलाइन ऑल-टाइम हाई पर है। इससे कंपनी को FY26 की ग्रोथ डबल डिजिट में रहने का अनुमान है। कंपनी अपना डिफेंस पोर्टफोलियो बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
नए प्लांट्स से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी
कंपनी ने चौथी तिमाही में आंध्र प्रदेश में अपने नए प्लांट का उद्घाटन किया। अभी इसके विस्तार पर काम चल रहा है। इस साल के अंत तक इसकी उत्पादन क्षमता 200 यूनिट्स तक पहुंच जाने की उम्मीद है। कंपनी लखनऊ में बसों के उत्पादन के लिए प्लांट लगा रही है। बताया जाता है कि इसमें आधुनिक बसें बनाई जाएंगी। इस प्लांट में इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में उत्पादन शुरू हो जाने की उम्मीद है। कंपनी फुली बिल्ट बसों की अपनी क्षमता भी बढ़ाना चाहती है।
क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?
अभी Ashok Leyland के शेयरों में FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के 16.7 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं और बढ़ती बाजार हिस्सेदारी को देखते हुए यह ठीक है। इनवेस्टर्स लंबी अवधि के लिहाज से इस स्टॉक में निवेश बढ़ा सकते हैं। 2025 में अशोक लेलैंड के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस दौरान यह स्टॉक 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।