अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त ने आज 4 नवंबर को एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा दिया। निवेशकों को आशंका है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स का दबदबा बढ़ने से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंपनियों पर नियामकीय सख्ती बढ़ सकती है। इसका असर एशिया की उन टेक्नोलॉजी कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनका बिजनेस अमेरिकी एआई निवेश और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़ा है।
इस डर में एशियाई बाजारों में सबसे तेज जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) फिसला, जो करीब 4.5% कमजोर हुआ तो टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स करीब 2% नीचे आया। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी शुरुआती बढ़त गंवाते हुए करीब 4% तक तो ताइवान का शेयर बाजार लगभग 3% गिर गया। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में भी 2.3% तक की गिरावट आई। हालांकि चीन के सीएसआई 300 और हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग इंडेक्स में हल्की गिरावट आई।
Chip Stock में सबसे अधिक बिकवाली
जापान में एआई और चिप इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखाष कियोक्सिया होल्डिंग्स (Kioxia Holdings) के शेयर 11% से अधिक और एडवांटेस्ट (Advantest) के शेयर करीब 8% टूट गए। टोक्यो इलेक्ट्रॉन (Tokyo Electron) में भी लगभग 6% की गिरावट आई।
दक्षिण कोरिया में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के शेयर करीब 2% और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयर 3% से अधिक नीचे आ गए। ये दोनों कंपनियां वैश्विक मेमोरी चिप और AI इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन के लिए काफी अहम हैं।
हॉन्ग कॉन्ग में हैंग सेंग टेक इंडेक्स 1% से कमजोर हुआ। अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग और शाओमी कॉर्प 2-2% से अधिक टूट गया।
निवेशकों की चिंता ये है कि डेमोक्रेट्स को अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बढ़त मिलने पर एआई कंपनियों की निगरानी बढ़ सकती है। पहले से ही दिक्कतों से जूझ एशियाई बाजारों में अब यह चिंता भी बढ़ रही है कि एआई से जुड़ी कंपनियों में जो अरबों डॉलर लगाए जा रहे हैं, क्या उनसे पर्याप्त रिटर्न मिल पाएगा।
पेपरस्टोन ग्रुप लिमिटेड के स्ट्रैटेजिस्ट डिलिन वू का कहना है कि अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण मजबूत होने की संभावना पर एशियाई बाजारों में अनिश्चितता बढ़ रही है। चुनाव के नतीजों का असर AI रेगुलेशन, चिप निर्यात पर प्रतिबंध और डेटा सेंटर की ऊर्जा नीतियों पर पड़ सकता है।
iM सिक्योरिटीज की एनालिस्ट यांग ह्यून-क्यूंग ने डाउ जोन्स से कहा कि एशिया की एआई इंफ्रा कंपनियां काफी हद तक अमेरिका से आने वाले एआई निवेश पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण हो जाता है, तो एआई के कड़ी निगरानी की मांग बढ़ सकती है, जिससे डेटा सेंटर के विस्तार की टाइमलाइन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है।
लोम्बार्ड ओडियर के सीनियर मैक्रो स्ट्रैटेजिस्ट होमिन ली का कहना है कि अगर डेमोक्रेट्स बड़ी जीत हासिल करते हैं, तो ट्रम्प के कार्यकाल के बचे हुए समय में राजनीतिक गतिरोध बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों को अपनी रणनीतियों में तेजी से बदलाव करना पड़ सकता है।
यूजीन इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज के एनालिस्ट Huh Jae-Hwan का कहना है कि ओहियो और टेक्सास के चुनाव नतीजे काफी अहम हैं, क्योंकि एआई डेटा सेंटर निवेश के केंद्र के रूप में इन राज्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर टेक्सास में नए नियम लागू होते हैं, तो सबसे पहले एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर पड़ेगा, जिसकी आंच शेयर मार्केट में महसूस हुई।
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