Asian Market Today: ट्रंप के हार से झूमा अमेरिकी बाजार, डेटा सेंटर से जुड़े शेयर फिसले, कोस्पी नीचे, एशिया में मिला-जुला कारोबार

Asian Market Today: जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त रही, जिससे MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.3% ऊपर चढ़ गया। जापान में निक्केई 225 में 0.40% और TOPIX में 2.15% की तेजी आई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 2.1% ऊपर रहा।

अपडेटेड Nov 05, 2026 पर 9:00 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रेट्स की शानदार जीत के बाद वॉल स्ट्रीट में भारी तेजी देखी गई।

Asian Market Today: गुरुवार, 5 नवंबर को एशियाई बाजारों की शुरुआत मिली-जुली रही। अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रेट्स की शानदार जीत के बाद वॉल स्ट्रीट में भारी तेजी देखी गई। इस जीत से ईरान के साथ तनाव जल्द खत्म होने की उम्मीद जगी, जिससे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। हालांकि, डेटा सेंटर के विकास को लेकर निवेशकों की चिंताएं बाजार की तेजी पर कुछ हद तक लगाम लगाती दिखीं।

जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख सूचकांकों में बढ़त रही, जिससे MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.3% ऊपर चढ़ गया। जापान में निक्केई 225 में 0.40% और TOPIX में 2.15% की तेजी आई। हैंग सेंग फ्यूचर्स भी 2.1% ऊपर रहा।

इसके उलट, दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) सूचकांक में 2.35% की गिरावट आई। निवेशक डेटा सेंटर के विकास की संभावनाओं और अमेरिकी चिप कंपनियों के शेयरों में हुए नुकसान को लेकर चिंतित थे।


भारत में, GIFT निफ्टी ने एक शानदार शुरुआत के संकेत दिए, जिसमें फ्यूचर्स के आंकड़ों के अनुसार 350 अंकों के गैप-अप (तेजी के साथ) खुलने की संभावना दिखी। 1 अक्टूबर से बुधवार तक निफ्टी 50 में 6% की तेजी आई, जबकि इसी अवधि में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 7.5% की गिरावट दर्ज की गई।

करेंसी मार्केट में ज्यादा हलचल नहीं दिखी। जापानी येन 158.28 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.6719 पर बना रहा।

क्षेत्र के अन्य देशों की बात करें तो, बैंक ऑफ कोरिया के गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में दक्षिण कोरिया का करंट अकाउंट सरप्लस रिकॉर्ड 61.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अगस्त में 46.1 अरब डॉलर था। सेमीकंडक्टर के निर्यात में भारी उछाल के कारण ऐसा हुआ, और यह पहली बार है जब मासिक सरप्लस 60 अरब डॉलर के पार पहुंचा है।

दूसरी ओर, चीन का बाजार कमजोर बना हुआ है। वहां के शेयर बाजार 'बियर मार्केट' (मंदी के दौर) में चले गए हैं, जिससे 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की वैल्यू खत्म हो गई है। जून के अंत में अपने उच्चतम स्तर पर रहने वाला CSI 300 सूचकांक भी अब बियर मार्केट में आ गया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, पिछले एक दशक में अक्टूबर का महीना बाजार के लिए सबसे खराब रहा, और 'स्टार 50' (Star 50) सूचकांक में 48% तक की भारी गिरावट आई है।

एशियाई बाजारों में यह तेजी न्यूयॉर्क के मजबूत सत्र के बाद देखने को मिली है। S&P 500 में 1.6% की उछाल आई, जो पिछले तीन महीनों में इसकी सबसे बड़ी बढ़त है। वहीं, टेक-हैवी नैस्डैक 100 में 0.9% की तेजी देखी गई। ऐसा लगता है कि निवेशक वाशिंगटन में संभावित नीतिगत गतिरोध (policy gridlock) को नजरअंदाज करने को तैयार हैं, क्योंकि डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।

US ट्रेजरी बॉन्ड में भी तेजी आई, क्योंकि ट्रेडर्स ने अगले साल US फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं पर अपना दांव कम कर दिया। दूसरी ओर, डॉलर में पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस अटकल ने भी शेयरों को सहारा दिया कि 'ब्लू वेव' (डेमोक्रेट्स की जीत) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की घाटा (deficit) बढ़ाने की क्षमता को सीमित कर देगी।

डेटा सेंटरों का विरोध करने वाले डेमोक्रेट्स ने टेक्सास जैसे पारंपरिक रूप से 'रेड' (रिपब्लिकन) राज्यों में भी बड़ी जीत हासिल की। ​​निवेशकों को लगता है कि नए निर्माण पर रोक लगने से बड़ी कंपनियों का सीमित कंप्यूटिंग पावर पर कब्जा और मजबूत होगा, साथ ही उनके कैश फ्लो पर दबाव भी कम होगा।

अमेज़न के शेयरों में 7.4% की उछाल आई और यह तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, मेटा प्लेटफॉर्म्स, अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में 2% से 6.3% तक की तेजी आई। एप्पल, जिसने बड़ी टेक कंपनियों की तरह AI पर भारी खर्च करने से परहेज किया है, लेकिन जिसे AI के कारण मेमोरी चिप की कीमतों में आई तेजी का असर झेलना पड़ा है, उसके शेयरों में लगभग 7% की उछाल आई और यह रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

अगर यह तेजी बनी रहती है, तो इन पांच कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू में 750 अरब डॉलर से ज्यादा का इजाफा होगा।

यह तेजी उन दिनों की बिकवाली को पलट देती है, जो AI से जुड़े खर्चों की चिंताओं के कारण हुई थी। तिमाही नतीजों से पता चला था कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की होड़ ने कभी कैश से भरपूर और कम कर्ज वाली कंपनियों को भारी खर्च करने वाली और कर्ज पर निर्भर कंपनियों में बदल दिया है। माइक्रोसॉफ्ट इसका अपवाद रहा, जिसने 18.6 अरब डॉलर का कैश फ्लो दर्ज किया।

फिर भी, ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई निवेशकों को AI निवेश थीम के लिए फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं दिखता, जिसने इस सेक्टर में तेजी को बढ़ावा दिया है—भले ही डेमोक्रेट्स कुछ राज्यों में डेटा-सेंटर परियोजनाओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

गुरुवार को एशियाई बाजार की शुरुआती ट्रेडिंग में तेल की कीमतें स्थिर रहीं। इससे पहले, मई के बाद से एक ही दिन में इसमें सबसे बड़ी गिरावट देखी गई थी। बुधवार को ब्रेंट क्रूड 8% से ज्यादा गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया था, और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) गिरकर 88 डॉलर के स्तर की ओर आ गया।

ट्रेडर्स अब उम्मीद कर रहे हैं कि रिपब्लिकन पार्टी पर ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करने और कोई समझौता करने का दबाव बढ़ेगा। सीनेट में अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने युद्ध को जल्द खत्म करने का वादा किया, और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने एक लंबी पोस्ट में लिखा कि युद्ध और अमेरिका-इजरायल संबंधों को लेकर मतदाताओं के गुस्से के कारण चुनावों में उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।