Astral Share Price: पाइप, एढेसिव्स,बाथवेयर और पेंट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी एस्ट्रल के शेयर आज तूफानी स्पीड से बढ़े। जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इसके शेयर 9% से अधिक उछल पड़े जोकि अप्रैल 2021 के बाद से इसके लिए सबसे बड़ी तेजी है। करीब पांच साल पहले इंट्रा-डे में इसके शेयरों में 10% की तेजी आई थी। आज की तेजी के साथ इस साल यह अब तक के उठा-पटक के साथ पॉजिटिव जोन में आ गया। जेपीमॉर्गन और नुवामा मे तिमाही नतीजे के बाद इसकी रेटिंग को अपग्रेड की, जिससे इसके शेयरों को सपोर्ट मिला। फिलहाल बीएसई पर यह 7.06% की बढ़त के साथ ₹1561.95 पर है। इंट्रा-डे में यह 9.60% उछलकर ₹1,599.00 तक पहुंच गया था।
क्या कहना है ब्रोकरेजेज का
ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने एस्ट्रल की रेटिंग को अपग्रेड कर न्यूट्रल से ओवरवेट कर दी है और टारगेट प्राइस भी ₹1600 से बढ़ाकर ₹1750 कर दिया है। इसके अलावा नुवामा मे भी इसकी रेटिंग को अपग्रेड कर होल्ड से बाय कर दी है और टारगेट प्राइस ₹1572 से ₹1675 कर दिया है। एक और ब्रोकरेज फर्म सिटी ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को कायम रखा है और टारगेट प्राइस ₹1900 पर फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि चालू वित्त वर्ष के चार से महीने में एस्ट्रल के वॉल्यूम में दोहरे अंकों की ग्रोथ रही। वहीं एस्ट्रल का सीपीवीसी बैकवर्ड इंटीग्रेशन वर्ष 2027 की चौथी तिमाही के लिए सही रास्ते पर है, जिससे वित्त वर्ष 2028 में मार्जिन बढ़ाने और मार्केट शेयर हासिल करने में मदद मिलेगी। हालांकि ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने ₹1490 के टारगेट प्राइस के साथ इसे होल्ड रेटिंग दी है लेकिन यह भी कहा है कि कंपनी का गाइडेंस बरकरार है और इसे काफी हद तक हासिल किया जा सकता है।
जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना 16% की रफ्तार से बढ़ा जोकि सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट के 17% की उम्मीद से थोड़ी कम रही। वहीं इस दौरान ईबीआईटीडीए 25% की रफ्तार से बढ़ा और मार्जिन 14.6% रहा जोकि बाजार की उम्मीद के मुताबिक ही रहा। एस्ट्रल का प्लंबिंग सेगमेंट रेवेन्यू सालाना 10% तो पेंट्स और एडहेसिव बिजनेस 30% की रफ्तार से बढ़ा। एस्ट्रल के 40,000 टन CPVC रेजिन प्लांट का पहला चरण दिसंबर तक तैयार होने की उम्मीद है और इस साल की चौथी तिमाही में इसके ट्रायल रन होंगे। इसका पूरा फायदा वित्त वर्ष 2028 में दिखेगा।
इंडेक्स सर्विस प्रोवाइडर MSCI ने ऐलान किया है कि एस्ट्रल को MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स से हटाकर स्मॉलकैप इंडेक्स में डाला जाएगा। ब्रोकरेज फर्म नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुसार इससे $13.8 करोड़ की निकासी हो सकता है। रीबैलेंसिंग की प्रक्रिया 31 अगस्त को होगी। इसका शेयरों पर शॉर्ट टर्म में असर दिख सकता है।
एक साल में कैसी रही एस्ट्रल के शेयरों की चाल
एस्ट्रल के शेयर पिछले साल 14 अगस्त 2025 को बीएसई पर ₹1,269.90 के भाव पर थे जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 7 महीने में यह 39.22% उछलकर 11 मार्च 2026 को ₹1,767.95 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। अब आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स में से 24 ने खरीदारी, 3 ने होल्ड और 4 ने सेल रेटिंग दी है।
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