Axis Bank Share Price: मुनाफा बढ़ने के बावजूद शेयर 6% टूटा, मार्जिन पर दबाव से निवेशक टेंशन में; अब ब्रोकरेज की क्या है राय

Axis Bank Share Price: जून तिमाही में बैंक का मुनाफा और कमाई तो अच्छे रहे लेकिन मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। साथ ही लोन्स में कॉरपोरेट लोन की हिस्सेदारी ज्यादा है। जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक का ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 1.28 प्रतिशत रहा

अपडेटेड Jul 20, 2026 पर 4:42 PM
NSE पर Axis Bank का शेयर आज का टॉप लूजर है।

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक के शेयर में 20 जुलाई को बिकवाली का दबाव रहा। अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद शेयर की कीमत दिन में पिछली क्लोजिंग से 6 प्रतिशत तक टूटी। BSE पर भाव 1249.05 रुपये के लो तक गया। बाद में शेयर लगभग 5.5 प्रतिशत गिरावट के साथ 1256.10 रुपये पर सेटल हुआ। NSE पर शेयर आज का टॉप लूजर है। बैंक का मार्केट कैप 3.90 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। जून तिमाही में बैंक का मुनाफा और कमाई तो अच्छे रहे लेकिन मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। साथ ही लोन्स में कॉरपोरेट लोन की हिस्सेदारी ज्यादा है। इन फैक्टर्स को लेकर निवेशक चिंतित हैं।

तिमाही के दौरान एक्सिस बैंक का स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,113.92 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,806.14 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 40,721.05 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 38,321.57 करोड़ रुपये थी। जून 2026 तिमाही में शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14,646 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 13,560 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.46 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह तिमाही आधार पर 16 बेसिस पॉइंट्स कम है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,659.10 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 11,515.16 करोड़ रुपये था।

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.28 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.57 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.39 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.45 प्रतिशत था।


Axis Bank को लेकर अब क्या सोचते हैं ब्रोकरेज?

जेफरीज ने एक्सिस बैंक के स्टॉक पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,700 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि जून तिमाही में बैंक का मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा। NII में बढ़ोतरी को मजबूत लोन ग्रोथ का सहारा मिला, हालांकि कॉरपोरेट लोन का ज्यादा शेयर अभी भी एक रुकावट बना हुआ है। इसमें सुधार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही यानि कि अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में ही होगा। जेफरीज को उम्मीद है कि रिटेल डिपॉजिट्स की ग्रोथ और फीस से होने वाली कमाई में सुधार से कोर प्रॉफिट को सहारा मिलेगा। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए बैंक की प्रति शेयर कमाई (EPS) के अनुमान को 2 प्रतिशत बढ़ाया है, जबकि वित्त वर्ष 2028 और 2028 के अनुमानों में कोई खास बदलाव नहीं किया।

बर्नस्टीन ने 1,600 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ एक्सिस बैंक पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने तिमाही परफॉरमेंस को मिला-जुला बताया है। कहा कि कॉरपोरेट लोन सेगमेंट की वजह से बैलेंस शीट में जबरदस्त बढ़ोतरी जारी रही, जिससे NII ग्रोथ को बेहतर बनाने में मदद मिली। लेकिन, इस सुधार के कारण मार्जिन में कमी आई। नॉन-इंटरेस्ट इनकम कमजोर रहने से ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर असर पड़ा। खर्चों पर कड़े कंट्रोल और साल-दर-साल क्रेडिट कॉस्ट कम रहने से अच्छी कमाई बनाए रखने में मदद मिली।

नतीजों के बाद, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने Axis Bank पर अपना 'न्यूट्रल' रुख बनाए रखा है। टारगेट प्राइस ₹1,500 तय किया है। ब्रोकरेज को बैंक के जून तिमाही की परफॉरमेंस कमजोर लग रही है। ब्रोकेरेज का मानना है कि बिजनेस ग्रोथ सामान्य रही, जबकि रिटेल ग्रोथ अपेक्षाकृत धीमी बनी रही। MOFSL ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए बैंक की कमाई के अनमुान में लगभग 2 प्रतिशत की कटौती की है।

JM Financial ने 'बाय' रेटिंग और ₹1,575 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि मैनेजमेंट ने 3.8 प्रतिशत के अपने स्ट्रक्चरल NIM टारगेट को फिर से दोहराया है। NIM अभी अपने निचले स्तर पर हैं, हालांकि रिकवरी पर नजर रखना जरूरी है। फंडिंग कॉस्ट में सुधार, बेहतर एसेट मिक्स और कम क्रेडिट कॉस्ट से मध्यम अवधि में कमाई में रिकवरी होनी चाहिए।"

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डिपॉजिट और एडवांसेज

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये के रहे। नेट एडवांसेज 19 प्रतिशत बढ़कर 12.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सालाना आधार पर कॉर्पोरेट लोन में 38 प्रतिशत, SME एडवांसेज में 25 प्रतिशत और रिटेल लोन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक की बैलेंस शीट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 19,21,966 करोड़ रुपये हो गई।

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