आज हम आप लोगों में से बहुत से लोग होंगे जो घर बैठे मासिक आय की उम्मीद पाले बैठे हैं। यदि किसी को घर बैठे कोई काम नहीं करना पड़े और मासिक आय होती रहे तो शायद है कि यह बात सोने पे सुहागा होगी। लेकिन इस मासिक आय को पाने के लिए भी कुछ करना पड़ता है। बस आपको एक छोटा सा काम करना होगा। अगर आप भी कुछ पाना चाहते हैं तो फिर हम आपकी सहायता कर सकते हैं और बताएंगे कि वो कौन सी ट्रिक है, जिसके जरिए आपको मासिक आय होती रहे।

अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं या रिटायर हैं तो आपके लिए यह पॉलिसी बेहतर है। कुछ रकम निवेश करके आप घर बैठे बेहतर रिटर्न पा सकते हैं। मान लीजिए आप 5 लाख रुपए सालाना निवेश कर सकते हैं तो फिर आपको बेहतर रिटर्न पाने के लिए इन दिनों बैंक FD और पोस्टऑफिस की कई स्कीमों के जरिए बिना कोई रिस्क फैक्टर के बेहतर रिटर्न  मिल सकते हैं।

आपको एक बात यहां पर बता दें कि 5 लाख की FD पर मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। इसे बैंक या पोस्ट ऑफिस पर FD कर सकते हैं। अंतरिम बजट में फिक्स्ड डिपॉजिट से 40,000 रुपए तक की ब्याज आय को TDS के दायरे से बाहर कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा से, होने वाली सालाना ब्याज आय 40 हजार रुपए तक है, तो आपको उस पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।

पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना या POMIS

इसे पोस्ट ऑफिस मासिक योजना यानी POMIS कहते हैं। यह योजना पांच साल के लिए है। इस योजना में POMIS सहित सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर सरकार द्वारा समय-समय पर तिमाही आधार पर गणना करती है। जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है। POMIS में ब्याज मासिक आधार पर मिलता है जबकि इसका मूलधन मेच्योर होने पर मिलता है। 31 जून 2019 को समाप्त तिमाही में ब्याज दर 7.3 फीसदी प्रति वर्ष है। इसमें कोई भी 4.5 लाख रुपएका निवेश कर सकते हैं जबकि 9 लाख रुपए तक ज्वाइंट नाम से इस योजना में जमा कर सकते हैं।

इसके TDS पर कोई टैक्स नहीं है। हालांकि, आय एक कर स्लैब के पूरी तरह से योग्य है। इसके अलावा POMIS में निवेश की गई राशि पर धारा 80 सी के तहत कोई कर लाभ नहीं है।

कितनी होगी मासिक आय

5 लाख के मूलधन पर 7.3 फीसदी की साधारण ब्याज दर पर कुल ब्याज 1,82,500 रुपएहोता है। जिसमें 3,041 रुपएकी मासिक आय होगी। यदि कोई 9 लाख रुपए की ऊपरी सीमा को बढ़ाता है तो कुल ब्याज 3,28,500 रुपएहोगी। जो मासिक ब्याज राशइ के रूप में 5,475 रुपए होता है।

बैंक FD

हर बैंक में जमा राशि पर अलग-अलग अवधि होती है। उसकी ब्याज दर भी अलग होती है। एक साल के जमा पर ब्याज दर और 5 साल के जमा राशि पर ब्याज दर अलग-अलग हो सकती है। हालांकि बैंकों के पास मीसिक, क्वाटर्ली, छमाही और सालाना ब्याज भुगतान करने का ऑप्शन मौजूद होता है। मासिक ब्याज भुगतान के मामले में ब्याज का कैलकुलेशन क्वटर्ली के लिए किया जाता है और रियायती दर पर मासिक भुगतान होता है। कुल मिलाकर मासिक आय विकल्प के तहत प्राप्त ब्याज साधारण ब्याज से कम होगा।

कितनी होगी मासिक आय

5 लाख रुपए की मूल राशि पर 7 फीसदी की ब्याज दर से कुल ब्याज 1,73,983 रुपएहोता है। जो मासिक ब्याज राशि के रूप में 2,900 रुपएमिलेगा। इसके अतिरिक्त अगर बैंक की ब्याज दर 7.25 फीसदी है तो उपर्युक्त मूल राशि पर मासिक ब्याज राशि के रूप में 3,005 रुपए मिलेगा।

कुल मिलाकर आय तो हो रही है, लेकिन साथ में टैक्स में छूट पाने के लिए कई प्रकार जतन अपनाने पड़ते हैं। जिससे आप टैक्स छूट का लाभ हासिल कर सकें। टैक्स में छूट पाने के लिए पांच साल की बैंक एफडी का उपयोग करना बेहतर होता है। सेवानिवृत्त लोगों के लिए डेट म्युचुअल फंड और बैलेंस्ड फंड सहित अन्य नियमित आय में रिटारमेंट पोर्टफोलियो है। इनका लाभ भी लिया जा सकता है। एक रिटायरमेंट का रिटारयमेंट पोर्टफोलियो ऐसा होना चाहिए, जिसमें रिइनवेस्टमेंट जोखिम का ध्यान रखा जा सके।