8 दिसंबर को बैंक निफ्टी 0.7 फीसदी की छलांग लगाकर 47,170.25 के नए हाई पर पहुंच गया। निवेशकों ने भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति अच्छी लगी है, इसका असर शेयर बाजार पर देखने को मिला है। बैंक निफ्टी इंडेक्स इस हफ्ते 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। यह आज जुलाई 2022 के बाद की अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त हासिल करने की राह पर दिख रहा है। इस साल अब तक, बेंचमार्क निफ्टी 50 इंडेक्स में 15 फीसदी की तेजी के मुकाबले बैंक निफ्टी इंडेक्स 9 फीसदी से ज्यादा भागा है।
अलग-अलग शेयरों पर नजर डालें आईसीआईसीआई बैंक इस हफ्ते 5 फीसदी से ज्यादा भागा है। जबकि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय स्टेट बैंक में क्रमशः 6 फीसदी, 9 फीसदी, 10 फीसदी और 5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। इससे पहले, बैंक निफ्टी 5 दिसंबर को 4 में से 3 राज्य चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बड़ी जीत के बाद 46,484.45 के ऑलटाइम हाई को हिट किया था। इसके बाद में आज 8 दिसंबर को आरबीआई द्वारा रेपो रेट को लगातार पांचवीं बार 6.5 फीसदी पर स्थिर रखने के बाद बैंकिंग शेयरों में तेजी आई है।
मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि एमपीसी ने सर्वसम्मति से रेपो दर को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला किया है। विश्लेषकों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में मध्यम अवधि में मार्जिन पर दबाव जारी रह सकता है। लेकिन रिटेल और एसएमई सेक्टर की तरफ से कर्ज की मांग में बढ़त से सपोर्ट मिलेगा।
एक्सिस सिक्योरिटीज पीएमएस के मुख्य निवेश अधिकारी नवीन कुलकर्णी ने कहा कि पर्सनल और क्रेडिट कार्ड लोनस पर जोखिम भार बढ़ाने के आरबीआई के हालिया कदम से हमें उम्मीद है कि इन सेक्टरों में क्रेडिट ग्रोथ धीमी हो जाएगी। रिटेल और एसएमई खंड में क्रेडिट को बढ़ावा मिलेगा। बैंकों के मार्जिन पर दबाव जारी रहेगा। वर्तमान में हमें छोटे या मध्यम आकार के बैंकों की तुलना में बड़े बैंक ज्यादा अच्छे लग रहे हैं।
दर में कटौती की संभावना पर बात करते हुए नोमुरा के ऑरोदीप नंदी ने कहा कि अगस्त 2024 से आरबीआई की तरफ से दरों में कटौती शुरू कर सकता है। आरबीआई की चरणों में दरों में 100 आधार अंकों यानी फीसदी की कटौती कर सकता है। महंगाई में नरमी आएगी और ग्रोथ पर दबाव के चलते आरबीआई दरों में ये कटौती करेगा।
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