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RBI के खास आदेश पर Bank Nifty धड़ाम, सभी 14 स्टॉक्स लाल, इस कारण लगा झटका

Bank Nifty big fall after RBI Directions: वैश्विक मार्केट में मचे हाहाकार की आंच में घरेलू मार्केट भी झुलस गए हैं। इन सबके बीच केंद्रीय बैंक आरबीआई ने बैंकों को ऐसा निर्देश दिया कि शेयर धड़ाम हो गए। बैंक निफ्टी के सभी 14 स्टॉक्स लाल हो गए। जानिए आरबीआई के किस निर्देश पर बैंकिंग सेक्टर में बिकवाली बढ़ी है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 30, 2026 पर 1:46 PM
RBI के खास आदेश पर Bank Nifty धड़ाम, सभी 14 स्टॉक्स लाल, इस कारण लगा झटका
निफ्टी बैंक पर आज सभी 14 स्टॉक्स लाल हैं। इनमें करीब 5% तक की गिरावट आई है और सबसे अधिक गिरावट तो एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) में है जो करीब 5% टूटा है।

Bank Nifty big fall after RBI Directions: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों को हर कारोबारी दिन फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में अपनी नेट ओपन रुपी पोजिशन पर $10 करोड़ पर कैप लगाने का निर्देश दिया तो बैंकों को झटका लगा। पिछले हफ्ते शुक्रवार की देर रात जारी हुए इस आदेश पर बैंकों को 10 अप्रैल तक पालन करना है। इसने बैंकिंग शेयरों को तोड़ दिया। 14 दिग्गज बैंकों के शेयरों का निफ्टी इंडेक्स बैंक निफ्टी तो ढाई फीसदी से अधिक टूट गया। इससे पहले लगातार दो कारोबारी दिनों में यह 4% से अधिक मजबूत हुआ था लेकिन आज यह फिसल गया और इसमें शामिल सभी 14 स्टॉक्स 5% तक टूट गए।

RBI के निर्देश पर क्यों बना बैंकिंग स्टॉक्स पर दबाव?

आरबीआई ने बैंकों को फॉरेन एक्सचेंज पोजिशंस पर लिमिट को लेकर सख्ती की तो घरेलू मार्केट में डॉलर की बिक्री तेज हो गई क्योंकि ट्रेडर्स धड़ाधड़ अपनी आर्बिट्रेज पोजिशन को कम करने लगे। बाजार के जानकारों के मुताबिक इस कदम से ऐसी पोजीशन्स खत्म हो सकते हैं, जिनमें बैंक ऑफशोर नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड और ऑनशोर फॉरवर्ड बाजारों के बीच भाव के अंतर से मुनाफा कमाते हैं। इस अनवाइंडिंग यानी पोजीशन को खत्म करने से बैंकों को घरेलू बाजार में डॉलर बेचना पड़ सकता है। इसके शुरुआती संकेत स्पॉट और फॉरवर्ड दोनों बाजारों में रुपये के मजबूत होने से दिखने लगे। एक महीने का USD/INR फॉरवर्ड भाव शुक्रवार को लगभग 95.15 से गिरकर 94.13 पर आ गया।

आरबीआई ने यह निर्देश ऐसे समय में दिया है, जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई में रुपया 4% से अधिक कमजोर हुआ है। आरबीआई ने बैंकों को नियमों के पालन के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया है तो बैंकर्स ने आरबीआई से तीन महीने का समय मांगा है। बैंकर्स का कहना है कि पोजिशन्स की तेज अनवाइंडिंग से उन्हें घाटा हो सकता है।

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