₹550 तक गिर सकता है बाटा इंडिया का शेयर! Citi ने ₹125 घटाया टारगेट प्राइस, बताईं 3 बड़ी वजहें
Bata India Share Price Target: Q2 FY27 में दबाव में रही कमाई के बाद सिटी ने बाटा इंडिया का टारगेट घटाकर 550 रुपये कर दिया है। जानिए रेवेन्यू, EBITDA, मार्जिन और मुनाफे पर ब्रोकरेज ने क्या कहा और वैल्यूएशन को लेकर क्यों जताई चिंता।
सिटी ने बाटा इंडिया पर सेल रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट 675 से घटाकर 550 रुपये कर दिया है
फुटवियर रिटेलर बाटा इंडिया लिमिटेड के शेयर बुधवार, 4 नवंबर को करीब 4% की गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे। कंपनी के Q2 FY27 के नतीजे मिले-जुले रहे, जहां रेवेन्यू की ग्रोथ मामूली रही और ऑपरेटिंग मुनाफे पर दबाव दिखा। इन नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म सिटी ने शेयर पर सेल रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 675 रुपये से घटाकर 550 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर के वैल्यूएशन में आगे और डी-रेटिंग की गुंजाइश है।
सिटी ने टारगेट 125 रुपये घटाया
सिटी ने बाटा इंडिया पर सेल की सलाह कायम रखी है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस 675 रुपये से घटाकर 550 रुपये कर दिया है, यानी टारगेट में सीधे 125 रुपये की कटौती हुई है। प्रतिशत में देखें तो ये 18.5% की कमी है।
टारगेट घटाने के साथ सिटी ने कंपनी की कमाई के अनुमान भी नीचे किए हैं। ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए प्रति शेयर कमाई (EPS) के अनुमान 17% घटा दिए हैं। वैल्यूएशन का पैमाना भी बदला गया है। पहले सिटी शेयर को दिसंबर 2027 के अनुमानों पर 28 गुना P/E पर आंक रहा था, अब उसने इसे सितंबर 2028 के अनुमानों पर 25 गुना कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक ये फैसला कमजोर ग्रोथ और मुनाफे को ध्यान में रखकर लिया गया है।
रेवेन्यू 7.6% बढ़कर 862 करोड़ रुपये, कमजोर बेस का सहारा
सितंबर तिमाही में बाटा इंडिया का रेवेन्यू सालाना आधार पर 7.6% बढ़कर 862 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में ये 801 करोड़ रुपये था। सिटी के हिसाब से रेवेन्यू ग्रोथ 7.5% रही, जो उसके अनुमान से करीब 1% कम है।
इस ग्रोथ को कमजोर बेस का सहारा मिला। एक साल पहले की तिमाही में कंपनी ने 4.3% की गिरावट दर्ज की थी। जब पिछले साल का आंकड़ा पहले से नीचे हो, तो उसके मुकाबले बढ़त दिखाना आसान हो जाता है।
EBITDA फिसला, मार्जिन 18.1% से घटकर 16.7%
ऑपरेटिंग मोर्चे पर तस्वीर कमजोर रही। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 0.7% घटकर 144 करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले साल 145 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 18.1% से घटकर 16.7% रह गया। मतलब हर 100 रुपये की बिक्री पर ऑपरेटिंग कमाई 18.1 रुपये से घटकर 16.7 रुपये पर आ गई।
सिटी ने भी ऑपरेटिंग मुनाफे की इस कमजोरी पर ध्यान दिलाया है। उसके हिसाब से EBITDA सालाना आधार पर 1% घटा और ये उसके अनुमान से 21% नीचे रहा। एक बार के खर्चों को हटाकर देखें तो EBITDA में 4% की बढ़त है, लेकिन ये आंकड़ा भी सिटी के अनुमान से 18% कम है।
मुनाफा 28.6% बढ़ा, पर एडजस्टेड प्रॉफिट 12% घटा
पहली नजर में मुनाफे का आंकड़ा अच्छा लगता है। बाटा इंडिया का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 28.6% बढ़कर 18 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 14 करोड़ रुपये था। लेकिन इस बढ़त के पीछे बेस तिमाही का एक खास खर्च भी है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 8 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल खर्च दर्ज किया था, जिसने तब का मुनाफा नीचे कर दिया था।
सिटी की गणना में तस्वीर उलटी दिखती है। ब्रोकरेज के मुताबिक एडजस्टेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12% घटा है और ये उसके अनुमान से 65% नीचे रहा। मतलब रिपोर्टेड मुनाफा 28.6% बढ़ा दिखता है, जबकि एडजस्टेड मुनाफा 12% घटा है।
अंदरूनी मार्जिन 16% से 6% पर, सिटी को और डी-रेटिंग का अंदेशा
सिटी ने कंपनी के अंदरूनी मार्जिन पर बढ़ते दबाव की तरफ भी इशारा किया है। FY27 की पहली छमाही में प्री-Ind AS 116 EBITDA मार्जिन 6% रहा। पिछले साल की इसी अवधि में ये 7.5% था और FY20 की पहली छमाही में 16%। हर 100 रुपये की बिक्री के पैमाने पर देखें तो FY20 की पहली छमाही में ये मार्जिन 16 रुपये का था, जो अब 6 रुपये पर आ गया है।
सिटी का कहना है कि पिछले कुछ सालों से बाटा इंडिया की रेवेन्यू ग्रोथ और मुनाफा, दोनों कमजोर बने हुए हैं। इसी वजह से ब्रोकरेज को शेयर के वैल्यूएशन में आगे और डी-रेटिंग की गुंजाइश दिख रही है।
त्योहारी कारोबार दिसंबर तिमाही में खिसका
इस तिमाही के रेवेन्यू पर त्योहारी सीजन के खिसकने का भी असर रहा। सिटी के मुताबिक ग्रोथ पर इसका आंशिक असर पड़ा। कंपनी का कहना है कि त्योहारों से जुड़ा कारोबार दिसंबर तिमाही में चला गया है और इससे आने वाले महीनों में ग्रोथ की रफ्तार को सहारा मिलने की उम्मीद है। कंपनी को उम्मीद है कि ग्रोथ मोमेंटम आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में दिसंबर तिमाही के नतीजे बताएंगे कि त्योहारी कारोबार से रेवेन्यू को कितना फायदा मिला।
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