इस एग्री बिजनेस कंपनी का सितंबर तिमाही में प्रॉफिट 9% बढ़ा, फिर भी प्रति शेयर 90 रुपये डिविडेंड का किया ऐलान

बेयर क्रॉपसाइंस का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 19 फीसदी घटकर 1,250.7 करोड़ रुपये रहा। लेकिन, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में साल दर साल आधार पर 9 फीसदी बढ़कर 166.2 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 152.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था

अपडेटेड Nov 07, 2026 पर 11:34 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
कंपनी ने अंतरिम डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर तय की है।

बेयर क्रॉपसाइंस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में साल दर साल आधार पर 9 फीसदी बढ़कर 166.2 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने 152.7 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, सितंबर में कंपनी के रेवेन्यू में गिरावट आई। इसके बावजूद कंपनी ने प्रति शेयर 90 रुपये अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर

Bayer CropScience के बोर्ड ने 3 नवंबर को हुई बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 90 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। इसकी रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर है। इसका मतलब है कि जिन इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में 12 नवंबर को कंपनी के शेयर होंगे, वे अंतरिम डिविडेंड के हकदार होंगे। कंपनी का शेयर 6 नवंबर को 0.57 फीसदी चढ़कर 3,319 रुपये पर बंद हुआ।


ऑपरेशंस से रेवेन्यू 19 फीसदी घटा

कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सितंबर तिमाही में 19 फीसदी घटकर 1,250.7 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,553.4 करोड़ रुपये था। इस दैरान टैक्स से पहले प्रॉफिट (PBT) 6 फीसदी बढ़कर 211.4 करोड़ रुपये रहा। यहर पिछले साल की समान अवधि में 200.3 करोड़ रुपये था।

कारोबार पर कमजोर मानसून का असर

कंपनी के वाइस चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO साइमन वीबुश ने कहा कि दूसरी तिमाही में कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मानसून के असमान वितरण का असर बुवाई के पैटर्न और कीटनाशकों की मांग पर पड़ा। इसके अलावा मक्के की खेती का रकबा भी कम रहा।

प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत बनाने पर फोकस

उन्होंने कहा कि इस माहौल में कंपनी ने अपने कारोबार को बेहतर तरीके से संचालित करने, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करने और नए इनोवेशन को बढ़ावा देने पर फोकस किया। कंपनी का टारगेट किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ ही एग्रीकल्चर के लिए बढ़ते रिस्क से निपटने की उनकी क्षमता बढ़ाने के साथ अपने कारोबार को लंबे समय में अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाना है।

इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में रेवेन्यू 11% घटा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी कंपनी के रेवेन्यू पर दबाव देखने को मिला। अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 11 फीसदी घटकर 3,085.7 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 3,468 करोड़ रुपये था। इस दौरान प्रॉफिट बिफोर टैक्स 15 फीसदी बढ़कर 613.5 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की पहली छमाही में कंपनी का PBT 535.5 करोड़ रुपये था।

यह भी पढ़ें: Nifty 50 अगले एक साल में 29,000 तक जाएगा! बाजार के दिग्गजों ने बताए ये 5 सेक्टर, जहां दिख रहे हैं निवेश के मौके

मक्के के बीजों की बेहतर उत्पादन क्षमता का फायदा

कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO विनीत जिंदल ने बताया कि मक्के के बीजों की बेहतर उत्पादन क्षमता और लागत में बचत से ग्रॉस मार्जिन को सहारा मिला। इसी वजह से दूसरी तिमाही और पहली छमाही में मुनाफे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि मक्के के बीजों का उत्पादन बढ़ने के साथ बाजार में मांग कमजोर रहने से इन्वेंट्री बढ़ी है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।