Bernstein India Strategy : जानिए किन सेक्टर पर बुलिश है बर्नस्टीन, किन सेक्टर पर घटा इसका भरोसा

Bernstein India Strategy : बर्नस्टीन ने इंडिया अपनी इंडिया स्ट्रैटेजी में निफ्टी का टारगेट 26000 तय किया है। ब्रोकरेज का भारत पर न्यूट्रल रुख कायम है। उसका कहना है कि हालिया रैली को सपोर्ट करने वाले ट्रिगर्स अभी सीमित हैं

अपडेटेड Jun 01, 2026 पर 10:58 AM
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Bernstein India Strategy : ब्रोकरेज ने कंजम्प्शन पर भरोसा घटाया है। कंज्यूमर स्टेपल्स को अंडरवेट किया है। इसने ऑटो को भी अंडरवेट किया है

Bernstein India Strategy : बर्नस्टीन कहना है कि भारतीय बाजार में रिलीफ रैली दिखी है,लेकिन मार्केट के लिए ट्रिगर्स अभी सीमित है। इसके साथ ही बर्नस्टीन के सेक्टरोल कॉल्स में कई बदलाव किए गए हैं और उसने इस साल के लिए निफ्टी का नया लक्ष्य भी सेट किया है। बर्नस्टीन ने इंडिया अपनी इंडिया स्ट्रैटेजी में निफ्टी का टारगेट 26000 तय किया है। ब्रोकरेज का भारत पर न्यूट्रल रुख कायम है। उसका कहना है कि हालिया रैली को सपोर्ट करने वाले ट्रिगर्स अभी सीमित हैं।

बर्नस्टीन की बड़ी चिंताएं

बर्नस्टीन ने वित्त वर्ष 2027 के अर्निंग अनुमान में अब तक 3 फीसदी की कटौती की है। उसका कहना है कि निकट भविष्य के लिए मैक्रो सपोर्ट कमजोर हैं। जियोपॉलिटिकल झटके नहीं भी आए तो अर्निंग रिस्क डाउनसाइड पर ही है। अर्निंग डाउनग्रेड का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है।


बर्नस्टीन: रिलीफ रैली कहां से बूस्ट?

ब्रोकरेज का कहना है कि ग्लोबल थीम से जुड़े अंडर-ओन्ड स्टॉक्स निवेश के नजरिए से अच्छे लग रहे हैं। आगे AI और डाटा सेंटर थीम से जुड़े शेयरों में तेजी संभव है। टेक इंफ्रास्ट्रक्चर,इलेक्ट्रिफिकेशन और ऑटोमेशन कंपनियां भी आगे अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।

बर्नस्टीन का कहना है कि बाजार की रिलीफ रैली को ग्लोबल रेवेन्यू एक्सपोजर वाले सेक्टर्स, IT और हेल्थकेयर से सपोर्ट मिल सकता है। डॉलर रेवेन्यू एक्सपोजर से कंपनियों के अर्निंग सपोर्ट मिल सकता है। अगर पश्चिम एशिया टेंशन घटता है तो रिबाउंड ट्रेड बनेंगे। पश्चिम एशिया संकट घटने से राहत मिलेगी। आगे OMCs और ऑयल सेंसेटिव सेक्टर में री-रेटिंग संभव है।

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बर्नस्टीन के सेक्टरोल कॉल्स

ब्रोकरेज ने कंजम्प्शन पर भरोसा घटाया है। कंज्यूमर स्टेपल्स को अंडरवेट किया है। इसने ऑटो को भी अंडरवेट किया है। यह ब्रोकरेज फर्म फाइनेंशियल और बैंक पर इक्वल वेट और NBFCs पर कुछ अंडरवेट है। इसने OMCs को अपग्रेट और पूरे एनर्जी सेक्टर को इक्वल वेट किया है। IT और रियल एस्टेट पर ओवरवेट बरकरार है। हेल्थकेयर पर इसका रुख और पॉजिटिव है। इंडस्ट्रियल पर भी इसने भरोसा बढ़ाया है।

बाजार की चाल पर एक नजर

बाजार की चाल सपाट नजर आ रही है। निफ्टी 22.55 अंक यानी 0.1 फीसदी की तेजी के साथ 23,570 के आसपास और सेंसेक्स 92 अंक यानी 0.12 फीसदी की हल्की बढ़त के साथ 74,867.76 के स्तर पर दिख रहा है। मिड कैप शेयरों पर दबाव दिख रहा है।

निफ्टी पर सबसे ज़्यादा बढ़त बनाने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स,टेक महिंद्रा,टीसीएस और इंफोसिस शामिल हैं। जबकि,नुकसान उठाने वाले शेयरों में एचयूएल,अदाणी एंटरप्राइजेज,एनटीपीसी,एमएंडएम और श्रीराम फाइनेंस हैं।

निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2% नीचे है,जबकि स्मॉल कैप इंडेक्स 0.3% ऊपर है। फार्मा,हेल्थकेयर,ऑटो,एफएमसीजी,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी शेयरों में बिकवाली दिख रही है,जबकि आईटी,मीडिया,मेटल,तेल और गैस,पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक शेयरों में खरीदारी नजर आ रही है।

 

 

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