Get App

ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट मीटरिंग शेयरों पर लगाएं दांव, IT कंपनियों के ग्रोथ और वैल्यूएशन बेमेल, इनसे रहें दूर

सिद्धार्थ ओबेरॉय ग्रीन एनर्जी को लेकर ज्यादा बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्रीन एनर्जी में और खासतौर पर सौर ऊर्जा में आगे जबरदस्त ग्रोथ आने की संभावना है। यह कम खर्चीला और और ज्यादा फायदे का सौदा है।बड़े और छोटे दोनों तरह के कारोबारियों की तरफ से सौर ऊर्जा में बड़ी धनराशि का निवेश किया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 16, 2023 पर 5:37 PM
ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट मीटरिंग शेयरों पर लगाएं दांव, IT कंपनियों के ग्रोथ और वैल्यूएशन बेमेल, इनसे रहें दूर
स्पेस टेक्नोलॉजी शेयरों पर अपनी राय देते हुए सिद्धार्थ ओबेरॉय ने कहा कि एक समय था जब स्पेस टेक से जुड़े शेयरों को बहुत वरीयता नहीं दी जाती थी। लेकिन अब समय बदल रहा है

प्रूडेंट इक्विटी (Prudent Equity) के फाउंडर और सीआईओ सिद्धार्थ ओबेरॉय थर्मल पावर की तुलना में ग्रीन पावर को लेकर ज्यादा बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्रीन एनर्जी में और खासतौर पर सौर ऊर्जा में आगे जबरदस्त ग्रोथ आने की संभावना है। उनका यह भी मानना है कि स्मार्ट मीटर का कारोबार करने वाली कंपनियों में भी आगे काफी तेजी देखने को मिल सकती है। कैपिटल मार्केट का 27 सालों का अनुभव रखने वाले सिद्धार्थ ओबेरॉय कई तेजी और मंदी के चक्रों का अनुभव रखते हैं। सिद्धार्थ ओबेरॉय अभी भी आईटी कंपनियों पर दांव लगाने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि उनका अभी भी ये मानना है कि आईटी कंपनियों के ग्रोथ और वैल्यूएशन में बेमेल है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम देश भर में बिजली की कमी के कारण वर्तमान माहौल में थर्मल पावर के बारे में बात करें तो सभी बिजली संयंत्र वर्तमान में अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रहे हैं। ये पावर सेक्टर के लिए अच्छी खबर है। हालांकि सिद्धार्थ ओबेरॉय ग्रीन एनर्जी को लेकर ज्यादा बुलिश हैं। उनका मानना है कि ग्रीन एनर्जी में और खासतौर पर सौर ऊर्जा में आगे जबरदस्त ग्रोथ आने की संभावना है। यह कम खर्चीला और और ज्यादा फायदे का सौदा है। बड़े और छोटे दोनों तरह के कारोबारियों की तरफ से सौर ऊर्जा में बड़ी धनराशि का निवेश किया गया है। इसके अलावा आने वाले सालों में पीएलआई के जरिए मिलने वाली सरकारी सहायता के चलते ये उद्योग काफी ग्रोथ करता दिखेगा।  ग्रीन एनर्जी में सिद्धार्थ ओबेरॉय को वारी रिन्यूएबल, केपीआई ग्रीन एनर्जी, स्वेलेक्ट एनर्जी और सुजलॉन एनर्जी सबसे ज्यादा पसंद हैं।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि स्मार्ट मीटर के सेक्टर में काफी बड़े अवसर हैं। सरकार ने 300000 करोड़ रुपये की बिजली वितरण कंपनी सुधार योजनाओं को मंजूरी दी है। बिजली मंत्रालय का इरादा पूरे भारत में 25 से 30 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का है। इन कुल 60,000 रुपये से 90,000 करोड़ रुपये की लगात आ सकती है। इस सेक्टर की कंपनियों को लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। इनकी ऑर्डर बुक भरी हुई हैं। सिद्धार्थ ओबेरॉय ने बताया कि स्मार्ट मीटर कारोबार करने वाली जीनस पावर उनको पसंद है। उन्होंने ये भी बताया कि वे स्मार्ट मीटर बनाने वाली कंपनियों साथ-साथ उनको लगाने वाली कई ईपीसी कंपनियों के लेकर बुलिश हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें