Birlasoft Shares: आईटी सेक्टर की कंपनी बिड़लासॉफ्ट के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि शेयर करीब 6 फीसदी टूट गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने इसकी रेटिंग घटा दी है और टारगेट प्राइस में 45% की कटौती कर दी है। खास बात ये है कि अभी करीब नौ महीने पहले ही ब्रोकरेज फर्म ने इसकी रेटिंग अपग्रेड की थी। अब ब्रोकरेज फर्म के बदले रुझान पर आज शेयर इंट्रा-डे में 5.84% टूटकर ₹396.00 पर आ गए। निचले स्तर पर खरीदारी से हल्की रिकवरी हुई है और आज यह 4.80% की गिरावट के साथ ₹400.35 के भाव पर बंद हुआ है।
एक साल में शेयरों के चाल की बात करें तो पिछले साल 19 जुलाई 2024 को यह एक साल के हाई ₹760.00 पर था। इस हाई से यह 56.56% टूटकर पिछले महीने 7 अप्रैल 2025 को यह एक साल के निचले स्तर ₹330.15 पर आ गया। इसे कवर करने वाले 16 एनालिस्ट्स में से 5 ने खरीदारी, 9 ने होल्ड और 2 ने सेल रेटिंग दी है।
पिछले साल Birlasoft की रेटिंग क्यों हुई थी अपग्रेड?
पिछले साल अगस्त 2024 में मैक्वेरी ने बिड़लासॉफ्ट की रेटिंग को अपग्रेड कर न्यूट्रल से आउटपरफॉर्म कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने रेवेन्यू ग्रोथ की स्पीड बढ़ने और ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में 15-16% तक सुधार की उम्मीद में इसकी रेटिंग अपग्रेड की थी।
तो अब रेटिंग में क्यों की कटौती?
मैक्वेरी ने अब इसकी रेटिंग आउटपरफॉर्म से घटाकर अंडरपरफॉर्म कर दिया है और टारगेट प्राइस भी घटाकर ₹640 से घटाकर ₹350 कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि रेवेन्यू और मार्जिन, दोनों ही मोर्चे पर बिड़लासॉफ्ट का परफॉरमेंस अच्छा नहीं रहा। मैक्वेरी ने बिरलासॉफ्ट के रेवेन्यू के अनुमानों को कम कर दिया है और उसका मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मार्जिन दबाव में रहेगा। ब्रोकरेज को उम्मीद थी कि ऑफशोर शिफ्ट से बिरलासॉफ्ट का मार्जिन बढ़ेगा, लेकिन अब ऐसा होना असंभव लग रहा है। अब वित्त वर्ष 2027 में ही ग्रोथ और मार्जिन रिकवरी की उम्मीद है। मैक्वेरी ने इसके वैल्यूएशन को वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित कमाई के 27 गुने के मुकाबले को घटाकर 15 गुना कर दिया है। इसके अलाव वित्त वर्ष 2026 के लिए EPS (प्रति शेयर कमाई) के अनुमान में 30% और वित्त वर्ष 2027 के लिए 28% की कटौती कर दी।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।