Blue Star Q1 Results: उम्मीद से कमजोर नतीजों ने किया निराश, शेयर 6% टूटा
Blue Star Q1 Results: कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान रेवेन्यू में बढ़ोतरी कई चुनौतियों के बावजूद हुई, जिसमें "कमोडिटी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी" शामिल है, जिसके कारण बिक्री की कीमतें बढ़ानी पड़ीं। गर्मी के मौसम की देर से शुरुआत और अचानक खत्म होना, और ट्रेड में पुराने रूम AC का भारी स्टॉक जमा होना भी चुनौतियों में शामिल था
MoneyControl News
अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 3:58 PM
अप्रैल -जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹3,378 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 13.3% ज़्यादा है।
Blue Star Q1 Results: कूलिंग सॉल्यूशन बनाने वाली कंपनी ब्लू स्टार लिमिटेड के शेयर गुरुवार, 6 अगस्त को कारोबार के दौरान करीब 6% तक टूट गए। शेयरों में यह गिरावट कंपनी के जून नतीजे के नतीजों के ऐलान के बाद देखने को मिला। कंपनी के नतीजे एनालिस्ट की उम्मीदों से कम रहे।अप्रैल -जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹3,378 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 13.3% ज़्यादा है। हालांकि, यह आंकड़ा CNBC-TV18 के पोल में अनुमानित ₹3,547 करोड़ से कम था।
कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान रेवेन्यू में बढ़ोतरी कई चुनौतियों के बावजूद हुई, जिसमें "कमोडिटी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी" शामिल है, जिसके कारण बिक्री की कीमतें बढ़ानी पड़ीं। गर्मी के मौसम की देर से शुरुआत और अचानक खत्म होना, और ट्रेड में पुराने रूम AC का भारी स्टॉक जमा होना भी चुनौतियों में शामिल था।
तिमाही के लिए EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹175 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 12% कम है और CNBC-TV18 के पोल में अनुमानित ₹247 करोड़ से काफी कम है।
तिमाही के लिए EBITDA मार्जिन 5.2% रहा, जबकि पिछले साल यह 6.7% था। CNBC-TV18 के पोल में इस आंकड़े के 7% रहने का अनुमान लगाया गया था।
कंपनी के बयान के अनुसार, तिमाही के दौरान एक अच्छी बात डेटा सेंटर MEP प्रोजेक्ट ऑर्डर का मिलना रही, जो तेज़ी से बढ़ने वाले इस सेगमेंट में लगातार बनी हुई तेज़ी को दिखाता है।
अलग-अलग बिज़नेस सेगमेंट में, ब्लू स्टार के इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स और कमर्शियल एयर कंडीशनिंग सिस्टम सेगमेंट में पिछले साल के मुकाबले 15.1% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,625.05 करोड़ हो गया।
तिमाही के दौरान, कंपनी ने प्रोजेक्ट्स बिज़नेस में मज़बूत ऑर्डर बुकिंग देखी, जिसकी वजह डेटा सेंटर्स में निवेश था।
ब्लू स्टार ने कहा, "हालांकि, कमर्शियल ऑफिस, फैक्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर समेत दूसरे मार्केट सेगमेंट से ऑर्डर मिलने की रफ़्तार धीमी रही, क्योंकि वेस्ट एशिया से लागत बढ़ने के कारण ऑर्डर फाइनल करने में देरी हुई।"
कंपनी ने आगे कहा कि डेटा सेंटर सेक्टर से पूछताछ (enquiry) की मज़बूत रफ़्तार बनी हुई है। इनपुट मटीरियल की लागत बढ़ने के कारण कंपनी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तेज़ी से पूरा करने की कोशिश कर रही है। यूनिटरी प्रोडक्ट्स सेगमेंट (जिसमें रूम AC और कमर्शियल रेफ्रिजरेशन शामिल हैं) का रेवेन्यू इस तिमाही में 12.7% बढ़कर ₹1,689.3 करोड़ हो गया।
"गर्मी का मौसम देर से शुरू होने के कारण, इस तिमाही में ट्रेडर्स के पास जमा इन्वेंट्री को निकालने का दबाव था।
ब्लू स्टार ने बताया कि वह प्राइमरी सेल्स वॉल्यूम में मनचाही ग्रोथ हासिल नहीं कर पाई, जिसका असर मार्जिन पर पड़ा। कमर्शियल रेफ्रिजरेशन बिजनेस में इस तिमाही गिरावट देखी गई, क्योंकि आइसक्रीम बनाने वाली कंपनियों की ओर से डीप फ्रीजर की मांग कम रही। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ेगी।
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