Tata Tech और IREDA के शेयरों में पहले ही दिन की मुनाफावसूली? अब ये टैक्स देने के लिए हो जाइए तैयार

टाटा टेक (Tata Tech) और इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) ने अपने निवेशकों को पहले ही दिन बंपर मुनाफा कराया था। हालांकि अगर आप भी लिस्टिंग के दिन ही मुनाफा कमाने के लिए शेयर बेचकर निकल जाते हैं, तो आपको इससे जुड़े टैक्स के गणित को समझना चाहिए

अपडेटेड Dec 04, 2023 पर 10:27 PM
इस साल आए 15 शेयरों ने अपने लिस्टिंग के दिन 80-100% की भारी तेजी दर्ज की गई

टाटा टेक (Tata Tech) और इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) ने अपने निवेशकों को पहले ही दिन बंपर मुनाफा कराया था। टाटा टेक का आईपीओ जहां पहले दिन 140 फीसदी से 180 फीसदी तक चढ़ा था। वहीं IREDA ने 87.5 फीसदी रिटकन दिया था। टाटा टेक का इश्यू प्राइस 500 रुपये था। हालांकि आज 4 दिसंबर को यह शेयर 1,192.05 रुपये के भाव पर खुला। 1 दिसंबर को तो इसने 1,400 रुपये के स्तर को छू लिया था। इसी तरह IRDEA का इश्यू प्राइस 32 रुपये था और आज यह शेयर 65.15 रुपये के स्तर पर खुला।

इस साल आए कम से कम 15 शेयरों में उनके लिस्टिंग के दिन 80-100 प्रतिशत की भारी तेजी दर्ज की गई। बहुत सारे निवेशक आईपीओ में सिर्फ लिस्टिंग गेन के लिए ही निवेश करते हैं। हालांकि अगर आप भी लिस्टिंग के दिन ही मुनाफा कमाने के लिए शेयर बेचकर निकल जाते हैं, तो आपको इससे जुड़े टैक्स के गणित को समझना चाहिए। एक दिन के लिए स्टॉक रखने पर भी बाकी स्टॉक की तरह ही टैक्स लगाया जाता है, लेकिन खरीद की अलग परिस्थितियों के कारण इसमें टैक्स थोड़ा अलग होता है।

टैक्स की दरें

चूंकि आपने शेयर मिलने के एक साल के भीतर ही उसे बेच दिया है, इसलिए शेयर बिक्री से होने वाले लाभ पर "शार्ट-टर्म कैपिटल गेन" लगेगा। इसलिए, आपको 15 प्रतिशत टैक्स और इसके साथ एजुकेशन और हायर एजुकेशन सेस का भुगतान करना होगा। यदि आप इन शेयरों को एक साल या उससे अधिक समय तक रखते हैं तो टैक्स की दर 10 प्रतिशत होगी। इसलिए IPO के दौरान खरीदे गए एक साल के बाद ही लंबी अवधि के शेयर में गिने जाएंगे। जैसे IPO के दौरान मिला टाटा टेक का शेयर 29 नवंबर 2024 से लंबी अवधि का शेयर होगा। यह बाकी अनलिस्टेड शेयरों से अलग हैं, जो 3 साल बाद लंबी अवधि में गिने जाते हैं।


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कम आय वाले लोग

कई वरिष्ठ नागरिकों और कम आय वाले लोगों ने इस आईपीओ के लिए आवेदन किया था। नियमों के तहत, सामान्य नागरिकों के लिए टैक्स में छूट की मूल सीमा 2.5 लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों (60-80 वर्ष) के लिए 3 लाख रुपये और अति वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष और उससे अधिक) के लिए 5 लाख रुपये है। आसान शब्दों में कहें तो अगर आपकी इनकम इस लिमिट से नीचे है तो आपको कोई इनकम टैक्स नहीं देना होता है।

वहीं अगर आप एक वरिष्ठ नागरिक या अति वरिष्ठ नागरिक हैं और यदि आपका लिस्टिंग डे लाभ इस मूल सीमा से कम है, तो आपको अपने शेयरों की बिक्री पर कोई आयकर नहीं देना होगा। बस यह याद रखें कि अगर आप एक NRI हैं तो, आप इस छूट का लाभ नहीं उठा सकते।

आप मुनाफे कैसे कम दिखा सकते हैं?

अच्छी खबर यह है कि अपनी मुनाफे की राशि में से कुछ फीस और अन्य नुकसान को कम कर सकते हैं। व्यक्तिगत निवेशकों के लिए, एप्लिकेशन फीस की राशि पर टैक्स नहीं लगता है। इसी तरह ब्रोकरेज को दी गई राशि को भी मुनाफे से कम किया जा सकता है। इसके अलावा, अगर आपको किसी अन्य एसेट्स को बेचते समय नुकसान हुआ है, तो आप अपने IPO मुनाफे से उस घाटे को एडजस्ट कर सकते हैं।

IPO में मिले शेयरों को लिस्टिंग के दिन ही बेचने पर किस तरह टैक्स लगता है, इसे आप नीचे दिए गए चार्ट से समझ सकते हैं-

Taxation of equity shares

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