बॉश लिमिटेड के शेयरहोल्डर्स के लिए 12 जून अच्छा रहा। दिन में शेयर की कीमत में पिछले बंद भाव से 5 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर भाव 39463 रुपये के हाई तक गया। बाद में शेयर लगभग 4 प्रतिशत बढ़त के साथ 39000 रुपये पर सेटल हुआ। दरअसल ब्रोकरेज फर्म UBS ने शेयर को डबल अपग्रेड किया है। रेटिंग 'सेल' से बढ़ाकर सीधा 'बाय' कर दी है। टारगेट प्राइस 27920 रुपये से बढ़ाकर 45530 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।
Bosch Ltd, जर्मनी की मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी Robert Bosch GmbH की इंडिया यूनिट है। भारत में बॉश, मोबिलिटी सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, कंज्यूमर गुड्स और एनर्जी एंड बिल्डिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी और सर्विसेज की सप्लाई करती है। जर्मनी की बॉश रेवेन्यू के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव सप्लायर है। दुनिया भर में चलने वाले लगभग सभी 1.5 अरब व्हीकल्स में बॉश के पुर्जे इस्तेमाल किए जाते हैं। यह स्पार्क प्लग से लेकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग सॉफ्टवेयर तक सब कुछ बनाती है।
ब्रोकरेज का कहना है कि बॉश के पोर्टफोलियो में हाल में हुए बदलाव से कंपनी में निवेश का मामला और मजबूत हुआ है। UBS ने चेसिस सिस्टम्स बिजनेस के अधिग्रहण को वैल्यू बढ़ाने वाला एक अहम कारण बताया है और कहा है कि हाल ही में घोषित जॉइंट वेंचर्स से और बूस्ट मिल सकता है।
Bosch की वैल्यूएशन के आकलन के लिए नया फॉर्मूला
UBS के अनुसार, इन घटनाक्रमों के चलते बॉश की वैल्यूएशन का फिर से आकलन करने की जरूरत है। ब्रोकरेज पहले कंपनी की वैल्यू प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) के 30 गुना के आधार पर तय कर रही थी। अब वह एक साल आगे के अनुमानित EV/EBITDA के 35 गुना के आधार पर वैल्यू तय कर रही है। UBS ने चेसिस सिस्टम्स बिजनेस के लिए भी एक साल आगे के अनुमानित EV/EBITDA के 30 गुना के आधार पर वैल्यूएशन तय की है। ब्लूमबर्ग के कंसेंसस डेटा से पता चलता है कि अभी बॉश के शेयर को 5 एनालिस्ट कवर कर रहे हैं। इनमें से 3 ने 'बाय' रेटिंग दी है। एक एनालिस्ट ने 'होल्ड' और एक ने 'सेल' की सलाह दी है।
शेयर में आई तेजी से बॉश का मार्केट कैप 1.15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। यह 3 महीनों में 25 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं 3 साल में निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है।
मार्च तिमाही में मुनाफा 568 करोड़ रुपये
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में बॉश लिमिटेड का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 5,565.70 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 568.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 20,034.70 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 2,770.30 करोड़ रुपये रहा। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 70.54 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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