BPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी को ₹3962 करोड़ का घाटा, महंगे कच्चे तेल ने बिगाड़ा खेल

BPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी BPCL को जून तिमाही में ₹3,962 करोड़ का घाटा हुआ है। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से कंपनी की लागत बढ़ी और EBITDA भी घाटे में चला गया। जानिए आगे तेल की कीमतें और क्यों बढ़ सकती हैं।

अपडेटेड Jul 22, 2026 पर 4:59 PM
BPCL का शेयर 3.07% गिरकर 309.55 रुपये पर बंद हुआ।

BPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी Bharat Petroleum Corporation Ltd (BPCL) को जून तिमाही में बड़ा झटका लगा है। अप्रैल-जून के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी से कंपनी घाटे में चली गई। इस दौरान पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल महंगा हो गया था।

₹3,962 करोड़ का घाटा

अप्रैल-जून तिमाही में BPCL को ₹3,962 करोड़ का कंसोलिडेटेड शुद्ध घाटा हुआ। इससे पिछली मार्च तिमाही में कंपनी ने ₹3,191 करोड़ का मुनाफा कमाया था।


हालांकि, इस दौरान कंपनी का कारोबार बढ़ा। मार्च तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू 27.5% बढ़कर ₹1.51 लाख करोड़ हो गया। पिछली तिमाही में यह ₹1.19 लाख करोड़ था।

EBITDA भी घाटे में पहुंचा

जून तिमाही में BPCL का EBITDA ₹4,077 करोड़ के घाटे में रहा। जबकि मार्च तिमाही में BPCL ने ₹10,060 करोड़ का EBITDA प्रॉफिट दर्ज किया था। यानी महंगे कच्चे तेल का असर कंपनी की ऑपरेटिंग कमाई पर भी साफ दिखाई दिया।

BPCL का घाटा क्यों बढ़ा?

अप्रैल में पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमत 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। बाद में जून में युद्धविराम की दिशा में समझौता होने के बाद कीमतों में कुछ नरमी आई।

लेकिन हाल के दिनों में फिर तनाव बढ़ा है। इसके चलते ब्रेंट क्रूड फिर 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है।

आगे भी बढ़ सकती हैं कीमतें

इन्वेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs का अनुमान है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इस साल की चौथी तिमाही तक कच्चा तेल फिर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।

अगर ऐसा होता है तो BPCL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव और बढ़ सकता है।

तेल कंपनियों पर क्यों पड़ता है असर?

जब कच्चा तेल महंगा होता है तो तेल कंपनियों की खरीद लागत बढ़ जाती है। अगर कंपनियां उसी अनुपात में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ा पातीं तो उनका मार्केटिंग मार्जिन घट जाता है। इसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ता है।

BPCL के शेयरों का हाल

BPCL का शेयर 3.07% गिरकर 309.55 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यानी 2026 में 18.86% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप 68.02 हजार करोड़ रुपये है।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।