Brent Crude Price: ब्रेंट क्रूड 10% उछला, एक्सपर्ट बोले- 100 डॉलर के पार जा सकता है कच्चा तेल

Brent Crude Price: अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड 10% उछलकर 80 डॉलर पहुंचा। एक्सपर्ट चेतावनी दे रहे हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहा तो कच्चा तेल 100 डॉलर के पार जा सकता है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Mar 01, 2026 पर 9:13 PM
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ऑयल ट्रेडर्स का कहना है कि हालात और बिगड़ने पर कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

Brent Crude Price: अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। इसका असर सीधे तेल बाजार पर दिखा। रविवार को ओवर-द-काउंटर ट्रेड में ब्रेंट क्रूड 10 प्रतिशत उछलकर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।

ऑयल ट्रेडर्स का कहना है कि हालात और बिगड़ने पर कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना सबसे बड़ा खतरा


ICIS में एनर्जी और रिफाइनिंग डायरेक्टर अजय परमार के मुताबिक, सैन्य हमले तेल की कीमतों को सपोर्ट जरूर करते हैं, लेकिन असली चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने को लेकर है।

ईरान की चेतावनी के बाद ज्यादातर टैंकर मालिकों, तेल कंपनियों और ट्रेडिंग हाउस ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते कच्चे तेल, ईंधन और LNG की शिपमेंट रोक दी है। दुनिया के कुल तेल का 20 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।

परमार का कहना है कि बाजार खुलते ही कीमतें 100 डॉलर के करीब जा सकती हैं। अगर यह जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है, तो दाम इससे भी ऊपर जा सकते हैं।

100 डॉलर का अनुमान

RBC की एनालिस्ट हेलिमा क्रॉफ्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट के नेताओं ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान पर युद्ध होने से तेल 100 डॉलर से ऊपर जा सकता है। Barclays के विश्लेषकों ने भी इसी तरह का अनुमान जताया है।

OPEC+ का उत्पादन बढ़ाने का फैसला

रविवार को OPEC+ देशों ने अप्रैल से उत्पादन 2.06 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़ाने पर सहमति जताई। यह बढ़ोतरी वैश्विक मांग का 0.2 प्रतिशत से भी कम है। यानी सप्लाई बढ़ाने का यह कदम बाजार की चिंता को पूरी तरह शांत नहीं कर पा रहा।

सप्लाई में 1 करोड़ बैरल की कमी?

Rystad एनर्जी के अर्थशास्त्री जॉर्ज लियोन का कहना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहता है तो वैकल्पिक पाइपलाइन के जरिए कुछ सप्लाई डायवर्ट करने के बाद भी 80 लाख से 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन की कमी आ सकती है।

इसमें सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और अबू धाबी पाइपलाइन का इस्तेमाल शामिल है। Rystad का अनुमान है कि ट्रेडिंग शुरू होने पर तेल की कीमतें 20 डॉलर तक बढ़कर करीब 92 डॉलर प्रति बैरल पहुंच सकती हैं।

एशियाई देशों ने शुरू की तैयारी

ईरान संकट के बाद एशियाई सरकारों और रिफाइनरियों ने अपने तेल भंडार की समीक्षा शुरू कर दी है। साथ ही वैकल्पिक शिपिंग रूट और सप्लाई स्रोतों पर भी विचार किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, तेल बाजार की दिशा अब इस बात पर निर्भर करेगी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहता है या नहीं और तनाव कितने समय तक बना रहता है।

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