Get App

स्टेक सेल या संपत्तियां बेचकर ही कर्ज की चुनौती से निपट सकती है Vedanta Resources

ब्रोकरेज फर्म कोटक इक्विटीज के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी को 3.6 अरब डॉलर के कर्ज का भुगतान करना है, जिनमें 2.2 अरब डॉलर का बॉन्ड भी शामिल है। हालांकि, कंपनी के लिए इसमें 3.1 अरब डॉलर कम पड़ रहे हैं। कोटक ने कंपनी के शेयरों का टारगेट प्राइस 215 रुपये से घटाकर 200 रुपये कर दिया, जबकि इसकी 'सेल' रेटिंग बरकरार रखी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 06, 2023 पर 9:25 PM
स्टेक सेल या संपत्तियां बेचकर ही कर्ज की चुनौती से निपट सकती  है Vedanta Resources
वेदांता अपने आयरन-स्टील डिवीजन में स्टेक बेचने की संभावनाओं पर गौर कर रही है।

अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली कंपनी वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड (VRL) ने फाइनेंशियल ईयर 2024 में भुगतान किए जाने वाले कर्जों के लिए फंडिंग की कमी की समस्या को मोटे तौर पर सुलझा लिया है। इसके तहत वेदांता लिमिटेड (VEDL) में 6 पर्सेंट की बिक्री समेत कई अन्य उपाय किए जाने की बात है। हालांकि, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Kotak Institutional Equities) के रिसर्च नोट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025 से जुड़े अनुमानों में वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड का हाई लीवरेज और 3 अरब डॉलर का फंडिंग गैप कंपनी के लिए चिंता का विषय है।

ब्रोकरेज फर्म के नोट में कहा गया है, 'फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी को 3.6 अरब डॉलर के कर्ज का भुगतान करना है, जिनमें 2.2 अरब डॉलर का बॉन्ड भी शामिल है। हालांकि, कंपनी के लिए इसमें 3.1 अरब डॉलर कम पड़ रहे हैं, जो वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के मार्केट कैप का 29 पर्सेंट है। बॉन्ड की रिफाइनेंसिंग चुनौतीपूर्ण हो सकती है और इस वजह से कंपनी को सख्त विकल्पों पर गौर करना पड़ सकता है।'

कोटक का कहना है कि बड़े डिविडेंड अब मुमकिन नहीं हैं और वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड को वेदांता लिमिटेड में स्टेक या संपत्तियां बेचनी पड़ सकती हैं। ब्रोकरेज फर्म का कहना है, 'फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में वेदांता लिमिटेड/हिंदुस्तान जिंक द्वारा बड़े पैमाने पर डिविडेंड दिए जाने से वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड का कर्ज वेदांता लिमिटेड पर शिफ्ट हो गया। हिंदुस्तान जिंक का पूरा सरप्लस कैश डिविडेंड के तौर पर दिया गया है। फाइनेंशियल ईयर 2024 के अनुमानों में वेदांता लिमिटेड का नेट डेट/इबिट्डा 4.7 गुना बढ़ गया है।'

वेदांता अपने आयरन-स्टील डिवीजन में स्टेक बेचने की संभावनाओं पर गौर कर रही है, लेकिन इससे वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड का फंडिंग गैप पूरा नहीं होगा। कंपनी अलग-अलग बिजनेस के लिए अलग लिस्टिंग पर भी विचार कर रही है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें