गैस की कीमतों की समीक्षा के लिए किरीट पारिख की अगुआई में नियुक्त सरकारी पैनल ने तेल मंत्रालय को अपनी सिफारिशें सौंप दी हैं। पैनल ने तीन साल में गैस कीमतों से सीमा हटाने का सुझाव दिया है। ब्लूमबर्ग के हवाले से यह रिपोर्ट सामने आई है। समिति ने ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) और ऑयल इंडिया लिमिटेड (Oil India Ltd) यानी OIL के ऐसे पुराने ऑयल फील्ड्स की गैस के लिए 4-6.50 डॉलर के प्राइस बैंड की सिफारिश की है, जिनसे कॉस्ट निकल आई है और जो अमेरिका, कनाडा और रूस जैसे अतिरिक्त गैस वाले देशों के फॉर्मूले पर चल रहे हैं। माना जा रहा है कि अगर कमेटी की रिपोर्ट को सरकार मान लेती है और इसे लागू करती है तो सिटी गैस डिस्ट्रीब्युशन कंपनियों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा। इसके अलावा गैस कारोबार से जुड़ी दूसरी कंपनियों को भी फायदा मिलेगा। ऐसे में आज ब्रोकरेज फर्मों ने गैस गैस डिस्ट्रीब्युशन कंपनियों पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। आइए डालते है एक नजर।
सीएलएसए ने ऑयल & गैस शेयरों पर सेक्टर पर जारी अपने रिसर्च रिपोर्ट मे कहा है कि नैचुरल गैस प्राइसिंग पर एक्सपर्ट कमेटी ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। गैस प्राइसिंग की नई सिफारिशों से IGL, MGL, Gujarat Gas से लेकर ONGC और OIL का फायदा मिलेगा। फिलहाल कमेटी की रिपोर्ट पर कैबिनेट अंतिम फैसला लेगा। सिफारिशें लागू हुईं तो गैस कीमतें मौजूदा 8.6/mmBtu डॉलर से घटेंगी। जो ONGC और Oil India के लिए पॉजिटिव होगा। गैस कीमतों में कटौती से CNG और डीजल में 30-40% की गिरावट संभव है। डिस्काउंट से IGL और MGL को प्राइसिंग पावर मिल सकेगा।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म सिटी ने सिटी गैस कंपनियों पर अपनी राय देते हुए कहा कि किरीट पारेख कमेटी की सिफारिशें लागू हुईं तो भारत के गैस मार्केट में बड़ा बदलाव होगा। सिफारिशें लागू होने के बाद APM गैस का इनपुट कॉस्ट 8.6/mmBtu डॉलर से घटकर 2.1/mmBtu डॉलर होगा। इन बदलावों के लागू होने के बाद सेक्टर का अंडरपरफॉर्मेंस खत्म होगा। सिटी को इस सेक्टर में IGL & GSPL पसंद है। MGL & Gujarat Gas में भी तेजी की उम्मीद है।
जैफरीज ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर खरीदारी की राय देते हुए इस स्टॉक के लिए 3100 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य दिया है। सिंगापुर GRM में नरमी के बाद भी डीजल और एविएशन फ्यूल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी ज्यादा है। कच्चे तेल में जून से अब तक बड़ी गिरावट के बाद एक्सपोर्ट ड्यूटी कम होने की उम्मीद है। डीजल और एविएशन फ्यूल में ड्यूटी हटने से कंपनी को 1 अरब डॉलर का कामकाजी मुनाफा बढ़ेगा। हाल ही में स्टील पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाया गया था। स्टील में ऊपरी स्तर से 24% गिरावट के बाद फैसला लिया है।
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सिटी गैस कंपनियों पर Morgan Stanley
मॉर्गन स्टैनली ने सिटी गैस कंपनियों पर जारी अपने रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि किरीट पारेख कमेटी की रिपोर्ट के बाद गैस मार्केट में लिबरलाइजेशन का रास्ता खुलेगा। भारत में गैस कीमतों पर कमेटी रिपोर्ट लागू होना कंपनियों के लिए पॉजिटिव है। कंपनी के कमाई में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। IGL और GAIL जैसी कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
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