Reliance Industries Q1 preview : रिलायंस के नतीजे कल, मुनाफे और मार्जिन में दिख सकता है उछाल, जानिए और कहां रहेगी बाजार की नजर

Reliance Industries Q1 preview : रिलायंस इंडस्ट्रीज शुक्रवार को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे करेगी। कंपनी के नतीजे मजबूत रहने की उम्मीद है। रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल से होने वाली अच्छी कमाई और जियो की मजबूत ग्रोथ से रिटेल मार्जिन और अपस्ट्रीम बिजनेस पर पड़ने वाले दबाव की भरपाई होने की संभावना है

अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 5:29 PM
RIL Q1 preview :जून में कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद तेजी से नीचे आईं। इसके चलते निवेशक जारी किए गए आंकड़ों के अलावा, रिफाइनिंग मार्जिन पर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर नजर रखेंगे

Reliance Industries Q1 Preview : उम्मीद है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) जून तिमाही में मजबूत कमाई के दम पर पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के असर से निपटने में कामयाब रहेगी। रिफाइनिंग कारोबार के अच्छे मार्जिन, पेट्रोकेमिकल्स के बेहतर मुनाफे और टेलीकॉम यूनिट में मजबूत ग्रोथ की वजह से रिटेल मार्जिन और अपस्ट्रीम ऑपरेशन्स पर पड़ने वाले दबाव की भरपाई हो जाएगी।

जानकारों का मानना ​​है कि RIL का अलग-अलग तरह का बिजनेस मॉडल ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हुए उतार-चढ़ाव से कंपनी का बचाव करेगा। 30 जून को खत्म हुई तिमाही के दौरान, US-ईरान विवाद के बाद कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं और फिर तिमाही के आखिर में नीचे आ गईं। जबकि कंपनी की रिफाइनिंग मार्जिन कई तिमाहियों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट्स के बीच कराए गए पोल में इस बात को लेकर आम सहमति है कि इस अवधि में कंपनी की आय 3.11 लाख करोड़ रुपए रह सकती है। वहीं, EBITDA 46,165 करोड़ रुपए और मुनाफा 18,512 करोड़ रुपए रह सकता है।


ऑयल टू केमिकल (O2C) बिजनेस में सुधार की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि जून तिमाही में कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। इसकी वजह रिफाइनिंग से जुड़ी बेहतर स्थिति और पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में मजबूती है।

जेफरीज का अनुमान है कि O2C EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। उसका कहना है कि इस सुधार की मुख्य वजह पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में बड़ी बढ़ोतरी और बढ़े GRM से SEZ रिफाइनरी को मिलने वाला फायदा होगा।

जेपी मॉर्गन रिफाइनिंग को लेकर और भी पॉजिटिव है। उसका कहना है कि पहली तिमाही में रिफाइनिंग क्रैक और पेट्रोकेमिकल मार्जिन बहुत मजबूत थे। हालांकि, उसका यह भी कहना है कि रिफाइनरी में मेंटेनेंस के लिए शटडाउन और ऑपरेशन की ज्यादा लागत से फायदे कुछ कम हो सकते हैं।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को भी O2C से अच्छी कमाई की उम्मीद है। उसका अनुमान है कि SEZ रिफाइनरी, US में इथेन-बेस्ड पेट्रोकेमिकल्स और रुपये की कमजोरी की वजह से EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

हालांकि, सभी ब्रोकरेज इस पर एकमत नहीं हैं। नुवामा को O2C में सिर्फ़ 2 प्रतिशत के आस-पास मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि फ्यूल रिटेलिंग में नुकसान, LPG का ज्यादा प्रोडक्शन, KG-D6 गैस का डाइवर्जन और कामकाज से जुड़ी दूसरी रुकावटें, बेहतर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) के असर को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।

रिलायंस जियो

रिलायंस जियो के मेन अर्निंग ग्रोथ ड्राइवर बने रहने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि रिलायंस जियो इस तिमाही में भी मजबूत प्रदर्शन करेगी। इसको नए सब्सक्राइबर्स के जुड़ने और प्रति यूज़र औसत रेवेन्यू (ARPU) में सुधार का फायदा मिलेगा।

एवेंडस को उम्मीद है कि जियो का वायरलेस सब्सक्राइबर बेस 50 करोड़ (500 मिलियन) के पार चला जाएगा, जबकि ARPU के बढ़कर लगभग 205 रुपये प्रति माह होने का अनुमान है, जिससे रेवेन्यू और EBITDA में डबल-डिजिट की बढ़ोतरी होगी।

नोमुरा का अनुमान है कि इस तिमाही में लगभग 80 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ेंगे और ARPU बढ़कर 217 रुपये प्रति महीना हो जाएगा। जबकि एमके (Emkay) को लगभग 95 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ने और ARPU के 216.5 रुपये रहने की उम्मीद है। दोनों ब्रोकरेज फर्म इस तिमाही में टेलीकॉम सेक्टर को कमाई में सबसे मजबूत योगदान देने वाला सेक्टर मानती हैं।

रिटेल कारोबार के मार्जिन पर रहेगी नजर

रिलायंस रिटेल से एक और तिमाही में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन मुनाफे पर नजर बनी हुई है। नोमुरा को उम्मीद है कि रिटेल कारोबार के रेवेन्यू में सालाना लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन मार्जिन पर लगातार बने दबाव के कारण EBITDA में केवल 3 प्रतिशत के आसपास बढ़ोतरी का अनुमान है। सिटी को उम्मीद है कि क्विक कॉमर्स में लगातार हो रहे निवेश के कारण रिटेल EBITDA में बढ़ोतरी धीमी रहेगी।

जेफरीज का नजरिया ज्यादा पॉजिटिव है। उसका अनुमान है कि कंपनी के रिटेल कारोबार के रेवेन्यू में लगभग 11 प्रतिशत और EBITDA में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।

Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

अपस्ट्रीम सेक्टर के कमजोर बने रहने की संभावना

कंपनी के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन सेगमेंट का कारोबार सबसे कमजोर बना रह सकता है। एलारा कैपिटल का अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने होने के बावजूद अपस्ट्रीम EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 21 प्रतिशत की गिरावट आएगी, जबकि नोमुरा ने भी कमजोर उत्पादन और गैस से कम कमाई के कारण कम मुनाफे का अनुमान लगाया है।

कहां रहेगी निवेशकों की नजर ?

जून में कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद तेजी से नीचे आईं। इसके चलते निवेशक जारी किए गए आंकड़ों के अलावा, रिफाइनिंग मार्जिन पर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर नजर रखेंगे। इसके अलावा बाजार की नजरें पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में रिकवरी की रफ़्तार, रिटेल मुनाफे, जियो के सब्सक्राइबर और ARPU के ट्रेंड, कैपिटल एक्सपेंडिचर और कंपनी की नई एनर्जी पहलों से जुड़ी जानकारी पर भी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।