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सरकार ने 14,500 करोड़ की एनर्जी स्टोरेज स्कीम को दी मंजूरी! इन सेक्टर्स की कंपनियों को हो सकता है बड़ा फायदा

कैबिनेट ने 4 नवंबर को 14,500 करोड़ रुपये की VGF स्कीम को मंजूरी दी, जिससे FY31 तक 92 GWh ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज क्षमता तैयार होगी। इसमें 60 GWh पंप्ड हाइड्रो, 30 GWh बैटरी स्टोरेज और 2 GWh वैकल्पिक तकनीक शामिल हैं।

Edited By: Sushmit Sinhaअपडेटेड Nov 04, 2026 पर 5:35 PM
सरकार ने 14,500 करोड़ की एनर्जी स्टोरेज स्कीम को दी मंजूरी! इन सेक्टर्स की कंपनियों को हो सकता है बड़ा फायदा
केंद्रीय कैबिनेट ने 4 नवंबर को 14,500 करोड़ रुपये की VGF स्कीम को मंजूरी दी है

केंद्रीय कैबिनेट ने 4 नवंबर को 14,500 करोड़ रुपये की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) स्कीम को मंजूरी दे दी। इस स्कीम के तहत FY31 तक 92 GWh की ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज क्षमता तैयार करने में मदद दी जाएगी। सरकार का मकसद बिजली ग्रिड में रिन्यूएबल एनर्जी की बड़ी हिस्सेदारी को जोड़ने के लिए स्टोरेज का ढांचा मजबूत करना है। इन प्रोजेक्ट्स में कुल 97,600 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है और सरकार FY27 से FY31 के बीच वित्तीय मदद देगी।

92 GWh में 60 GWh पंप्ड हाइड्रो, 30 GWh बैटरी

स्कीम में सबसे बड़ा हिस्सा पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज का है। कुल 92 GWh में से 60 GWh पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, 30 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और 2 GWh वैकल्पिक स्टोरेज तकनीकों के लिए रखे गए हैं। मतलब कुल क्षमता का करीब दो-तिहाई हिस्सा अकेले पंप्ड हाइड्रो से आएगा।

पैमाने को ऐसे देखें कि 1 GWh का मतलब 10 लाख यूनिट बिजली है। यानी ये स्कीम 9.2 करोड़ यूनिट बिजली जमा करके रखने लायक क्षमता तैयार करने में मदद करेगी। कुल 97,600 करोड़ रुपये के निवेश में सरकार की VGF करीब 15% बैठती है, बाकी निवेश प्रोजेक्ट लगाने वालों की तरफ से आएगा।

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