Call money rate:भारत की कॉल मनी दर आज शुरुआती ट्रेड के दौरान चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन यानी 31 मार्च को ओपनिंग के समय ये 8.10 फीसदी तक पहुंच गई। डीलरों का कहना है कि कॉल मनी मार्केट में फंड की भारी डिमांड के चलते कॉल मनी दर में भारी बढ़त देखने को मिली है। सरकारी बैंक के एक डीलर ने कहा, "यह बढ़त सिस्टम में तरलता की कमी (नकदी की कमी) के कारण नहीं हुई है, बल्कि कुछ बैंकों की भारी मांग के कारण दरों में ये बढ़त हुई है।"
बताते चलें की कॉल मनी रेट वह दर होती है जिस पर बैंक आपस में शॉर्ट टर्म के लिए फंड का लेन-देन करते हैं। शुक्रवार को, ओवरनाइट कॉल मनी दर 8 फीसदी पर खुली थी और सुबह के दौरान ये 8.10 फीसदी पर पहुंच गई, फिर ये 7.15 फीसदी पर आ गई। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक कॉल मनी दर 14 मार्च, 2019 को अपने सार्वकालिक उच्चतम स्तर पर रही थी।
कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के अनिंद्य बनर्जी का कहना है कि वर्ष के अंत में रुपये में तरलता की कमी कारण कॉल मनी रेट में बढ़त देखने को मिली है। कोविड महामारी के बाद से देश में तरलता के सरप्लस की स्थिति देखने को मिली है। ऐसे में हमें साल के अंत में कॉल मनी रेट इस तरह की बढ़त देखने को नहीं मिली थी। लेकिन इस साल तरलता की स्थिति टाइट है। ऐसे में कॉल मनी रेट में उछाल देखने को मिला है। हमें उम्मीद है कि नए वित्त वर्ष में कॉल मनी रेट में गिरावट देखने को मिलेगी।
कॉल मनी मार्केट का दुनिया का सबसे बड़ा सेंटर लंदन में
बता दे कि 'कॉल मनी' ऐसे ऋण को कहते हैं जो अगले दिन की वापसी की शर्त पर दिया जाता है। कॉल मनी का उपयोग बैंकों के आपसी लेन-देन में होता है। जिस दर पर बैंक आपसी लेन-देन करते हैं उसे 'कॉल मनी रेट' कहते हैं। कॉल मनी के लेनदेन के लिये स्थापित जगह को कॉल मनी मार्केट या इंटर बैंक कॉल मनी मार्केट कहते हैं। कॉल मनी मार्केट का दुनिया का सबसे बड़ा सेंटर लंदन में है। भारत में इसका सबसे बड़ा केंद्र मुंबई में है। यहाँ जिस दर पर बैंक आपसी लेन-देन करते हैं, उसे लंदन व मुंबई के संदर्भ में क्रमश: लिबोर (London Interbank Offered Rate-LIBOR) तथा मिबोर (Mumbai Interbank Offered Rate MIBOR) कहा जाता है