हिंदुस्तान जिंक में ऑफर फॉर सेल के जरिये 2.5% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में सरकार

सरकार हिंदुस्तान जिंक में 2.5 पर्सेंट तक हिस्सेदारी बेच सकती है। एक सीनियर सरकार अधिकारी ने बताया कि 6 नवंबर से 505 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर ऑफर फॉर सेल के तहत शेयरों की बिक्री की जाएगी। अधिकारी ने बताया, ' सरकार 1.25 पर्सेंट हिस्सेदरी का विनिवेश करेगी। साथ ही, ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1.25 पर्सेंट हिस्सा बेचेगी'

अपडेटेड Nov 05, 2024 पर 8:24 PM
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सितंबर 2024 के मुताबिक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में केंद्र सरकार की 29.54 पर्सेंट हिस्सेदारी है।

सरकार हिंदुस्तान जिंक में 2.5 पर्सेंट तक हिस्सेदारी बेच सकती है। एक सीनियर सरकार अधिकारी ने बताया कि 6 नवंबर से 505 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर ऑफर फॉर सेल के तहत शेयरों की बिक्री की जाएगी। अधिकारी ने बताया, ' सरकार 1.25 पर्सेंट हिस्सेदरी का विनिवेश करेगी। साथ ही, ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1.25 पर्सेंट हिस्सा बेचेगी।'

यह फ्लोर प्राइस 559.75 रुपये के पिछले ट्रेडिंग प्राइस से 10 पर्सेंट डिस्काउंट पर है। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में इस साल 76 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिटेल इनवेस्टर्स शेयरों के लिए 7 नवंबर को बिड कर सकते हैं, जबकि नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए BSE और NSE में 6 नवंबर को इश्यू खुलेगा। नॉन-रिटेल कैटेगरी के लिए इंडिकेटिव प्राइस होगा, जो अलग से दिखाया जाएगा।

ऑफर साइज का 10 पर्सेंट हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए आरक्षित है, जो 2 लाख रुपये तक के शेयरों के लिए बिड कर सकते हैं। एक्सिस कैपिटल, HDFC सिक्योरिटीज (HDFC Securities), ICICI सिक्योरिटीज (ICICI Securities) और IIFL सिक्योरिटीज (IIFL Securities) इस OFS के लिए ब्रोकर्स हैं।


सितंबर 2024 के मुताबिक, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में केंद्र सरकार की 29.54 पर्सेंट हिस्सेदारी है, जबकि वेदांता की हिस्सेदारी 63.42 पर्सेंट है। मनीकंट्रोल ने अगस्त में खबर दी थी कि हिंदुस्तान जिंक के लिए ऑफर फॉर सेल वित्त वर्ष 2025 के अंत से पहले आ सकता है। कैबिनेट ने 2022 में कंपनी में सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दी थी।

सितंबर तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का नेट प्रॉफिट 35 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 2,327 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,729 करोड़ रुपये था। प्रमोटर कंपनी वेदांता ने कंपनी की अपनी 3.17 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने के लिए अगस्त में ऑफर फॉर सेल (OFS) लॉन्च किया था। इसके जरिये कंपनी का मकसद अपना कर्ज कम करना था।

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