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Chandrayaan-3: चंद्रयान मिशन पर पूरी दुनिया की नजर, सफल लैंडिंग के बाद तकनीक खरीदने की मच सकती है होड़

Chandrayaan-3: बुधवार 23 अगस्त को शाम 6 बजे के करीब भारत एक बार फिर से चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा। अगर यह सफल रहा तो इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा। चंद्रयान-3 करीब एक महीने की लंबी यात्रा के बाद 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा था और तब से ही यह धीरे-धीरे चांद की सतह के नजदीक जा रहा है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Aug 23, 2023 पर 4:08 PM
Chandrayaan-3: चंद्रयान मिशन पर पूरी दुनिया की नजर, सफल लैंडिंग के बाद तकनीक खरीदने की मच सकती है होड़
भारत ने पहला चंद्रयान 2008 में भेजा था, जो पूरी तरह सफल रहा था

Chandrayaan-3: बुधवार 23 अगस्त को शाम 6 बजे के करीब भारत एक बार फिर से चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा। अगर यह सफल रहा तो इसके साथ ही भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा। चंद्रयान-3 करीब एक महीने की लंबी यात्रा के बाद 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा था और तब से ही यह धीरे-धीरे चांद की सतह के नजदीक जा रहा है। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से छोड़ा गया था। चंद्रयान -3 ने हाल ही में चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद अपने प्रोपल्शन सिस्टम से लैंडर और रोवर मॉड्यूल को सफलतापूर्वक अलग करने का काम पूरा किया।

अब ये लैंडर और रोवर मॉड्यूल शाम 6 बजे के करीब चांद की सतह पर उतरने की कोशिश करेंगे। आइए जानते हैं यह रोवर चांद की सतह पर उतरने के बाद क्या करेगा, इसके सफलता या विफलता का क्या असर होगा और चंद्रयान मिशन का आगे क्या लक्ष्य है?

चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 का क्या हुआ?

भारत ने पहला चंद्रयान 2008 में भेजा था, जो पूरी तरह सफल रहा था। इसने चांद पर पानी के अणुओं की मौजूदगी से जुड़े सबूत भेजे थे। साल 2019 में चंद्रयान -2 को भेजा गया, जिसे आंशिक सफलता मिली। यह चांद की सतह पर लैंडिंग करने के अपने मुख्य उद्देश्य में विफल रहा, लेकिन इससे पहले इसने चांद के बारे में उसके ऑर्बिट से कई अहम डेटा भेजे थे। चंद्रयान -2 के समय हुई गलतियों से सीख लेते हुए, चंद्रयान-3 चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की कोशिश करेगा और फिर अपने लैंडर और रोवर की मदद की से उसकी सतह पर कई प्रयोग करेगा। लैंडर का नाम विक्रम, वहीं रोवर का नाम प्रज्ञान रखा गया है।

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