ब्रोकरेज फर्म जेफरीज में इक्विटी स्ट्रैटेजी के ग्लोबल हेड क्रिस्टोफर वुड ने भारतीय शेयरों के वेट में एक पर्सेंट की कटौती की है, लेकिन मार्केट को लेकर उन्होंने 'ओवरवेट' रेटिंग बरकरार रखी है। साथ ही, उन्होंने चीन के वेट में दो पर्सेंट की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा, ' भारत के वेटेज में एक पर्सेंट और मलेशिया के वेटेज में आधा पर्सेंट की कमी की गई है, जबकि दोनों मार्केट्स की 'ओवरवेट' रेटिंग बरकरार है। ऑस्ट्रेलिया के वेटेज में आधा पर्सेंट की कमी की गई है।'
वुड ने अपने हालिया नोट में भूराजनीति के जोखिम का हवाला दिया है। उनके मुताबिक, भूराजनीतिक हालात खराब होना ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। उनका यह भी कहना था कि इस घटनाक्रम के जोखिम का पूरी तरह से आकलन नहीं किया गया है। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया या/और रूस-यूक्रेन में संकट बढ़ने की स्थिति में भारत समेत सभी बाजारों पर काफी प्रतिकूल असर होगा और इसके लिए ये बाजार फिलहाल तैयार नहीं हैं।
उनका यह नोट ऐसे वक्त में आया है, जब दुनिया भर के शेयर बाजारों में जोखिम का वातावरण है और मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। ट्रेडर्स को ईरान के हमले पर इजरायल के जवाब को लेकर और स्पष्टता का इंतजार है। इस तनाव की नजह से क्रूड ऑयल में तेजी है, जबकि अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली।
ईरान ने इजरायल पर 1 अक्टूबर को 200 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इसके बाद इजरायल की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई की आशंका है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी जवाबी हमले की बात कही है। यह हमला 1 अक्टूबर को इजरायल के स्थानीय समय के मुताबिक 7.30 बजे को शुरू हुआ था। इजरायली सुरक्षा बलों का कहना है कि कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया था।