21 सितंबर को फार्मा कंपनी सिप्ला (Cipla) के शेयर 2 प्रतिशत टूट गए। दरअसल सिप्ला की पूर्ण स्वामित्व वाली अमेरिकी सब्सिडियरी, InvaGen फार्मास्यूटिकल्स को यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) से 5 इन्स्पेक्शनल ऑब्जर्वेशंस मिले हैं। इस खबर के सामने आने के बाद सिप्ला के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 20 सितंबर को शेयर BSE पर 1238.85 रुपये पर बंद हुआ था और 21 सितंबर को सुबह लाल निशान में 1231.05 रुपये पर खुला। दिन के कारोबार में यह गिरकर 1203.90 रुपये तक के स्तर तक गया। कारोबार बंद होने पर शेयर BSE पर 2.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1207.15 रुपये पर बंद हुआ है।
NSE पर शेयर सुबह 1232 रुपये पर खुला और फिर 1204 रुपये के स्तर तक लुढ़क गया।कारोबार बंद होने पर शेयर NSE पर 2.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1209.10 रुपये पर बंद हुआ है। शेयर का पिछला बंद भाव 1239.70 रुपये था।
कंपनी ने 20 सितंबर को एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था, 'हम सूचित करते हैं कि इन्स्पेक्शन 11 सितंबर 2023 से 19 सितंबर 2023 तक अमेरिका के न्यूयॉर्क में लॉन्ग आयलैंड के सेंट्रल आइस्लिप में स्थित InvaGen की मैन्युफैक्चरिंग में किया गया था। इन्स्पेक्शन के परिणाम में InvaGen को फॉर्म 483 में 5 इन्स्पेक्शन ऑब्जर्वेशंस मिले हैं। इन्हें तय वक्त के अंदर व्यापक रूप से पूरा किया जाएगा।' सिप्ला ने यह भी कहा है कि रिपीट या डेटा इंटीग्रिटी ऑब्जर्वेशंस नहीं हैं। बता दें कि अगर FDA को गुणवत्ता प्रणाली में कमी या नियामकीय उल्लंघन का पता चलता है तो फॉर्म 483 जारी किया जाता है।
कैसी है कंपनी की वित्तीय स्थिति
मोतीलाल ओसवाल ने अपनी हालिया रिपोर्ट में, मजबूत रेवेन्यु और प्रॉफिट की उम्मीदों के साथ-साथ हेल्दी ग्रोथ आउटलुक पर कंपनी के लिए अपनी रेटिंग को अपग्रेड करके 'बाई' कर दिया है। इस साल सिप्ला का स्टॉक 13.48 प्रतिशत चढ़ा है। एक साल में शेयर ने 13.69 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बीएसई पर शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 1,277.55 रुपये है, जो 10 अगस्त 2023 को दर्ज किया गया था। वहीं 52 सप्ताह का निचला स्तर 852 है, जो 22 मार्च 2023 को दर्ज किया गया था। सिप्ला का वित्त वर्ष 2023-24 की जून तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 45.1 प्रतिशत बढ़कर 995.7 करोड़ रुपये रहा था। एक साल पहले इसी अवधि में यह 696.4 करोड़ रुपये था।