विदेशी निवेशकों की बिकवाली, चीन में राहत पैकेजों के ऐलान और रुस-यूक्रेन की लड़ाई ने घरेलू स्टॉक मार्केट को बुरी तरह तोड़ दिया। इसके चलते बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) रिकॉर्ड हाई से 10 फीसदी से अधिक नीचे आ चुके हैं। इस बीच ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने 'बाय इंडिया' की स्ट्रैटेजी अपनाई है यानी कि चीन का एक्सपोजर हल्का करके भारतीय स्टॉक मार्केट में खरीदारी का नजरिया अपनाया है। पहले इसने भारत से निवेश हटाकर चीन में करने की सलाह दी थी। वहीं दूसरी तरफ अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का मानना है कि सीएलएसए का यह बदला रुझान जाल है। उन्होंने कहा कि खुदरा निवेशकों और डीआईआई के लिए यह ट्रैप चीन की साजिश है।
'Buy India' कैसे है चीन की साजिश?
जब ब्रोकरेजेज हाउस भारतीय मार्केट को लेकर बंटे हुए हैं, सीएलएसए ने बढ़-चढ़कर खरीदारी की सलाह दी है। शंकर शर्मा ने इसे लेकर सीएलएसए के इसकी चाइनीज पैरेंट कंपनी सिटिक सिक्योरिटीज के साथ जुड़ाव की तरफ इशारा करते हुए 'बाय इंडिया' को चीन से जुड़ी साजिश बताया। उन्होंने 19 नवंबर को X (पूर्व नाम Twitter) पर एक पोस्ट में इसे चीनी स्वामित्व वाला ट्रोजन हॉर्स करार दिया। उन्होंने लिखा है कि 'बाय इंडिया' चीन सरकार की साजिश है जो इसने चाइनीज ब्रोकर (एफ2 के रूप में) के जरिए भारतीय खुदरा और डीआईआई निवेशकों को फंसाने के लिए रचा है। उन्होंने कहा कि हमको चढ़ा दिया, एफ2 लगातार बेचते रहे और हमें उनका खराब माल थमा दिया। एफ2 ब्रोकर आमतौर पर एक ऐसे ब्रोकरेज को कहते हैं जो पार्टनर मॉडल पर एक बड़े और फुल सर्विस ब्रोकरेज फर्म के लिए बिचौलिये का काम करता है।
'अपनी ही देश के खिलाफ स्ट्रैटेजी!'
एक यूजर ने जब सवाल पूछा कि चीन का ब्रोकर अपने ही देश के खिलाफ क्यों आलोचनात्मक रिपोर्ट जारी करेगा, तो इस पर शंकर शर्मा ने कहा कि यह एक बड़ा खेल है, हमारे मानसिकता और वेतन वर्ग से कहीं बड़ा। CLSA (पूर्व नाम Credit Lyonnais Securities Asia) के चीन इंटरनेशनल ट्रस्ट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (CITIC) के साथ गहरे संबंध हैं। वर्ष 2013 में चीन के सिटीक ग्रुप की सहायक कंपनी सिटिक सिक्योरिटीज ने सीएलएसए की मेजॉरिटी हिस्सेदारी $125 करोड़ में खरीद ली। वर्ष 2015 तक सिटीक सिक्योरिटीज ने सीएलएसए की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली।
अब सिटीक सिक्योरिटीज चीन की सबसे बड़ी सिक्योरिटीज कंपनी है जिसकी शाखाएं 13 और देशों में भी है। यह उन पहली कंपनियों में शुमार है जो शंघाई स्टॉक एक्सचेंज और हॉन्ग कॉन्ग स्टॉक एक्सचेंज, दोनों पर लिस्ट है। सिटीक सिक्योरिटीज का इंटरनेशनल बिजनेस सिटीक सीएलएसए ही संभालती है जिसका फोकस अहम स्टॉक मार्केट में इंस्टीट्यूशनल बिजनेस पर है। सीएलएसए ने भारतीय आवंटन बढ़ाकर नवंबर में 20 फीसदी ओवरवेट कर दिया जबकि चीन का एक्सपोजर कम किया है।
शंकर शर्मा ने राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन से की भारतीय मार्केट की तुलना
इस महीने की शुरुआत में 4 नवंबर को X पर उन्होंने लिखा था कि भारतीय शेयर बाजार की समस्या यह है कि पिछले तीन वर्षों में यह 1970 से 1973 के बीच के राजेश खन्ना की तरह रहा, लगातार 14 सुपरहिट्स, बिना किसी चुनौती के। उन्होंने आगे लिखा कि फिर एक यूपी का भाई आया, एक क्लासिकल सुबह 4 बजे का दांव और 'नमक हराम' ने इसे अचानक एक दो घोड़े की रेस बना दिया, वह भाई चीन है। बता दें कि सितंबर के आखिरी कारोबारी दिनों में रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद मार्केट में बिकवाली का तेज दबाव बना और सेंसेक्स-निफ्टी 10 फीसदी से अधिक टूट गया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या बिकवाली का दौर थम गया है या अभी और जारी रहेगी।
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