Coal India OFS: बड़े डिस्काउंट पर कोल इंडिया में 2% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, ₹5000 करोड़ जुटाने का प्लान

Coal India OFS: केंद्र सरकार कोल इंडिया में 2% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इस इश्यू के जरिए सरकार 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा सकती है। इसमें डिस्काउंट पर शेयर बेचे जा रहे हैं। जानिए फ्लोर प्राइस समेत पूरी डिटेल।

अपडेटेड May 26, 2026 पर 8:59 PM
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सरकार ने कोल इंडिया OFS के लिए फ्लोर प्राइस 412 रुपये प्रति शेयर तय किया है।

Coal India OFS: केंद्र सरकार ने सरकारी खनन कंपनी कोल इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लाने का ऐलान किया है। इस इश्यू के जरिए सरकार बेस इश्यू और ग्रीनशू ऑप्शन को मिलाकर कंपनी में कुल 2% तक हिस्सेदारी बेच सकती है।

निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के मुताबिक OFS गैर-खुदरा (Non-Retail) निवेशकों के लिए 27 मई को खुलेगा, जबकि खुदरा (Retail) निवेशक 29 मई से इसमें बोली लगा सकेंगे।

फ्लोर प्राइस में 10% से ज्यादा की छूट


सरकार ने OFS के लिए फ्लोर प्राइस 412 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह 26 मई को कोल इंडिया के बंद भाव के मुकाबले करीब 10.1% की छूट पर है। आमतौर पर OFS में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम रखा जाता है।

5,000 करोड़ से ज्यादा जुटा सकती है सरकार

बेस इश्यू के तहत सरकार कोल इंडिया की चुकता इक्विटी पूंजी (Paid-up Equity Capital) का 1% हिस्सा बेचेगी। फ्लोर प्राइस के आधार पर इसकी वैल्यू करीब 2,539 करोड़ रुपये बैठती है।

इसके अलावा सरकार के पास 1% अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का ग्रीनशू ऑप्शन भी मौजूद है। अगर निवेशकों की मांग उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो सरकार इस विकल्प का इस्तेमाल कर सकती है। ऐसे में कुल इश्यू साइज बढ़कर 5,078 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

लंबी अवधि के निवेश का अच्छा मौका: DIPAM

DIPAM के सचिव अरुणिश चावला ने कहा कि कोल इंडिया मजबूत प्रदर्शन, बेहतर वित्तीय स्थिति, शेयरधारकों को लगातार मिलने वाले रिटर्न और आकर्षक डिविडेंड के कारण लंबी अवधि के निवेश के लिए एक मजबूत अवसर बनी हुई है।

उनका कहना है कि कंपनी का कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों के लिए भरोसा पैदा करता है। इससे यह निवेश के लिहाज से आकर्षक बनी हुई है।

सरकार के पास 63% से ज्यादा हिस्सेदारी

मार्च 2026 तिमाही के अंत तक केंद्र सरकार के पास कोल इंडिया में 63.1% हिस्सेदारी थी। OFS के बाद यह हिस्सेदारी कुछ कम हो जाएगी, हालांकि सरकार कंपनी में सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी।

बड़े निवेशकों की कितनी हिस्सेदारी?

संस्थागत निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास कोल इंडिया की 11.05% हिस्सेदारी है। वहीं घरेलू म्यूचुअल फंड्स के पास संयुक्त रूप से 9.5% हिस्सेदारी है।

इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के पास कंपनी की 8.38% हिस्सेदारी है। कंपनी में 25 लाख से ज्यादा खुदरा निवेशक भी शामिल हैं, जिनके पास कुल 3.82% हिस्सेदारी है। ऐसे में OFS पर छोटे और बड़े दोनों तरह के निवेशकों की नजर रहेगी।

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