फार्मा कंपनी एबॉट इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 656 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। इस अमाउंट में 131 रुपये का स्पेशल और 525 रुपये का फाइनल डिविडेंड शामिल है। रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।
दोनों तरह के डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। प्रपोजल पर 13 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद डिविडेंड का पेमेंट 18 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।
एबॉट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 475 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इसका डिविडेंड देने का अच्छा इतिहास है। कंपनी साल 2003 से लगातार डिविडेंड दे रही है। 525 रुपये प्रति शेयर, एबॉट का अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है।
Abbott India का शेयर एक साल में 18 प्रतिशत कमजोर
कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 28013.60 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 59500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 2 सप्ताह में 8 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 18 प्रतिशत नीचे आया है। एबॉट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 35,280 रुपये और एडजस्टेड लो 25,164 रुपये है।
एबॉट इंडिया का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,709.51 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 394.93 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,929 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,552 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी Abbott Laboratories की सब्सिडियरी है।
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