Coal India OFS : कोल इंडिया का OFS आज रिटेल के लिए खुला है। कोल इंडिया के OFS की बंपर डिमांड देखने को मिल रही है। OFS का नॉन रिटेल का हिस्सा 8 गुना भरा है। सरकार इसके जरिए कोल इंडिया में 2% तक हिस्सा बेच रही है। इस ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए सरकार की करीब 5000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना। OFS का फ्लोर प्राइस 10 फीसदी डिस्काउंट पर 412 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। 412 रुपए के फ्लोर प्राइस के मुकाबले नॉन रिटेल प्राइस 447 रुपए है।
OFS की डिमांड क्यों बढ़ी?
मई में ही पावर डिमांड रिकॉर्ड 250GW के पार चली गई है। गर्मी बढ़ने से पावर कंजम्पशन में जबरदस्त उछाल आया है। भारत की तरह चीन में एल-नीनो के चलते पावर डिमांड मजबूत है। ग्लोबल पावर डिमांड आउटलुक मजबूत है। इसका असर इस शेयर पर नजर आ रहा है। इंटरनेशनल कोल प्राइस में फिर तेजी के संकेत हैं। 2023 एल-नीनो के जैसी चाल दोबारा दिख रही है। इंडोनिया में कोल प्राइस महीने दर महीने आधार पर 12 फीसदी बढ़ी। बाजार जानकारों का कहना है कि कोयले से जुड़ी कंपनियों के लिए सेंटीमेंट अच्छा रह सकता है। इसके अलावा स्टॉक अच्छे भाव पर मिल रहा है। इसका वैल्यूएशन 4.6 गुना EV/EBITDA पर है जो इसको आकर्षक बनाता है। डिविडेंड यील्ड 5.7% के मजबूत स्तर पर है।
इस बीच IMD ने मॉनसून को लेकर दूसरा अनुमान जारी कर दिया है। इसमें LPA को पिछले अनुमान से भी घटा दिया गया है। इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है। IMD के मुताबिक इस साल लॉन्ग पीरियड एवरेज रेनफॉल 90% रह सकता है। पहले 92% LPA का अनुमान जताया गया था। ताजे अनुमानों के मुताबिक सिर्फ उत्तर पश्चिम रीजन में ही सामान्य बरिश होगी। इस साल एल-नीनो का असर दिखेगा। एल-नीनो के चलते ही कम बारिश का अनुमान है। ऐसे में देश में कोयले और पावर की डिमांड बढ़ सकती है।
कोल इंडिया की चाल पर एक नजर
फिलहाल 12.30 बजे के आसपास एनएसई पर ये शेयर 0.65 रुपए यानी 0.14 फीसदी की तेजी के साथ 463 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 474 रुपए और दिन का लो 457.10 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 491.25 रुपए और 52 वीक लो 368.65 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 54,691,200 शेयर के आसपास और मार्केट कैप 285,765 करोड़ रुपए पर दिख रहा है।
पिछले 1 हफ्ते में ये शेयर 1.57 फीसदी बढ़ा है। वही, 1 महीने में इसमें 3.41 फीसदी की कमजोरी आई है। इस साल अब तक ये शेयर 16.19 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसमें 16.41 फीसदी की और 3 साल में 88.32 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।