सरकारी कोयला कंपनी कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2022-23 के पहले तिमाही में अपने क्षमता विस्तार पर 3034 करोड़ रुपये का पूंजी खर्च किया है जो कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 65 फीसदी ज्यादा है। कंपनी ने इस बारे में जारी अपने बयान में कहा है कि पहली तिमाही के दौरान देश को एक और ऊर्जा संकट से गुजरना पड़ा था। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने क्षमता विस्तार पर फोकस किया। जिसके कारण कैपेक्स में यह बढ़ोतरी देखने को मिली है।
