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SEBI में जाने के बाद भी माधबी पुरी बुच ने 'अगोरा' से करोड़ों कमाए, कांग्रेस ने नए आरोपों के साथ बोला हमला

SEBI की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) पर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मंगलवार 10 सितंबर को नए आरोप लगाए। कांग्रेस ने माधबी बुच के दावों को गलत बताते हुए कहा कि SEBI की फुल-टाइम मेंबर रहते हुए भी माधबी बुच और उनके पति अपने स्वामित्व वाली एडवाइजरी कंपनी 'अगोरा प्राइवेट लिमिटेड' से कमाई करते रहे

Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 10, 2024 पर 9:19 PM
SEBI में जाने के बाद भी माधबी पुरी बुच ने 'अगोरा' से करोड़ों कमाए, कांग्रेस ने नए आरोपों के साथ बोला हमला
कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि SEBI चीफ माधबी बुच ने Agora के जरिए 2 करोड़ 95 लाख रुपए कमाए

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) पर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मंगलवार 10 सितंबर को नए आरोप लगाए। कांग्रेस ने माधबी बुच के दावों को गलत बताते हुए कहा कि SEBI की फुल-टाइम मेंबर रहते हुए भी माधबी बुच और उनके पति अपने स्वामित्व वाली एडवाइजरी कंपनी 'अगोरा प्राइवेट लिमिटेड (Agora Private Limited)' से कमाई करते रहे। हालांकि माधबी बुच ने दावा किया था कि उनके पदभार ग्रहण के बाद से अगोरा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड निष्क्रिय पड़ी है।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हिंडनबर्ग रिपोर्ट में एक कंपनी अगोरा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया था, जो कि 7 मई 2013 में रजिस्टर हुई थी। यह कंपनी माधबी पुरी बुच और उनके पति की है, लेकिन माधबी ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद इस बात का खंडन किया था। उस खंडन में उन्होंने लिखा कि जब वो SEBI में चली गई, तब से यह कंपनी Dormant (निष्क्रिय) है। लेकिन इस कंपनी में अभी भी 99% हिस्सेदारी माधबी की है।"

खेड़ा ने आगे कहा, "जब आप कहीं नौकरी करते हैं तो वहां कुछ नियम होते हैं, लेकिन माधबी ने सभी नियमों को ताक पर रख दिया। माधबी ने Agora के जरिए 2 करोड़ 95 लाख रुपए कमाए। इसमें सबसे ज्यादा 88% पैसा महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) से आया। वहीं, माधबी पुरी के पति धवल बुच को साल 2019-21 के बीच में महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी से 4 करोड़ 78 लाख रुपए मिले। वो भी तब.. जब माधबी पुरी बुच SEBI में पूर्ण-कालिक सदस्य थीं। ऐसे में यह नियमों का उल्लंघन है। इस दौरान SEBI ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के पक्ष में कई आदेश भी जारी किए थे।"

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