9 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में लगातार दो हफ्तों की तेजी का क्रम टूटता नजर आया। उतार-चढ़ाव भरे माहौल में पिछले हफ्ते बाजार करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। पिछले हफ्ते BSE Sensex 686.83 अंक यानी 1.09 फीसदी की गिरावट के साथ 62181.67 के स्तर पर बंद हुआ था तो वहीं निफ्टी 112.75 अंक यानी 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 18496.6 के स्तर पर बंद हुआ था। बाजार की आज की चाल पर नजर डालें तो आज शानदार रिकवरी देखने को मिली है गैपडाउन खुलने के बाद बाजार हरे निशान में लौट आया है। निफ्टी अपने निचले स्तर से करीब 125 अंक संभला है। बैंक, रियल्टी, ऑटो, ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। IT और FMCG सेक्टर दबाव बना रहा है। आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स की राय।
Mehta Equities के प्रशांत तापसे की बाजार पर राय
अब आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल इस पर बात करते हुए Mehta Equities के प्रशांत तापसे ने कहा कि बाजार को यूएस फेड की तरफ से 14 दिसंबर को ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट के बढ़त की 80 फीसदी उम्मीद है। 14 सितंबर तक बाजार हमें एक दायरे में ऊपर-नीचे होता नजर आ सकता है। टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए 18410 का स्तर काफी अहम है। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर टिका रहता है तो इसमें तेजी की संभावना बनी रहेगी। वहीं, अगर निफ्टी इस सपोर्ट से नीचे फिसलता है तो फिर गिरावट और बढ़ तकती है। निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ 18665 पर पहली बाधा दिख रही है।
रेलीगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा की बाजार पर सलाह
Religare Broking के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार में आगे भी कंसोलीडेशन जारी रहने के संकेत दिख रहे हैं। निफ्टी में पॉजिटिव टोन बना रहे इसके लिए जरूरी है कि वह 18300 के ऊपर टिका रहे। सेक्टर्स की बात करें तो बैंकिंग और एफएमसीजी अच्छे नजर आ रहे हैं। हालांकि दूसरे सेक्टरों में भी कुछ चुनिंदा शेयर अच्छा कर सकते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए ही ट्रेडरों को अपनी रणनीति बनानी चाहिए।
Samco Securities के अपूर्व सेठ का कहना है कि आने वाले हफ्ते में तमाम बड़े इवेंट होने वाले हैं। इस दौरान दुनिया के तीन बड़े देश यूएस, यूके और अमेरिका अपने महंगाई आंकड़े जारी करेंगे। पूरी के बाजारों के नजरें इन आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा अगले हफ्ते इंग्लैंड और अमेरिका अपने ब्याज दरों का भी ऐलान करेंगे। इसका असर ग्लोबल मार्केट पर देखने को मिलेगा।
Kotak Securities के अमोल अठावले का कहना है कि अब निवेशकों और ट्रेडरों की नजर अगले हफ्ते ब्याज दरों पर आने वाले यूएस फेड के फैसले पर लगी हुई है। ऐसे में बाजार में अगले कारोबारी सत्रों में इंट्राडे वोलैटिलिटी देखने को मिल सकती है। बाजार के लिए महंगाई और ब्याज दर पर यूएस फेड की कमेंट्री ज्यादा अहम होगी। शॉर्ट टर्म ट्रेडरों के लिए 20-day SMA (Simple Moving Average) यानी 18450 के स्तर पर सपोर्ट दिख रहा है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है तो फिर इसमें 18700 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 18450 के स्तर से नीचे फिसलता है तो फिर ये कमजोरी 18300-18200 तक जा सकती है।
Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि जब तक यूएस फेड, ईसीबी और बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसले आ नहीं जाते तब तक बाजार में कंसोलीडेशन का मूड जारी रहेगा। कमजोर ग्रोथ आउटलुक को देखते हुए आगे टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी जारी रहेगी। बढ़ती मांग और कमोडिटी की कीमतों में गिरावट के चलते FMCG शेयरों में खरीदारी आने की संभावना है।
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