देश में सोलर एनर्जी टैरिफ बढ़कर 2.6-2.7 रुपये प्रति यूनिट तक हो सकता है। रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) और इम्पोर्ट सोलर मॉड्यूल्स पर कस्टम्स ड्यूटी लगाने के प्रपोजल से टैरिफ महंगा होने की संभावना है। GST काउंसिल की पिछले महीने हुई मीटिंग में मॉड्यूल्स, सेल्स और इनवर्टर्स पर GST को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का फैसला हुआ था।
हाल की ऑक्शंस में सोलर पावर का टैरिफ बढ़ा है। यह पिछले वर्ष दिसंबर में 1.99 रुपये प्रति यूनिट के लो लेवल पर था।
क्रिसिल रेटिंग्स ने बताया कि कमोडिटी के प्राइसेज बढ़ने और सोलर मॉड्यूल्स पर अगले वर्ष अप्रैल से 40 प्रतिशत और सोलर सेल्स पर 25 प्रतिशत बेसिक कस्टम्स ड्यूटी लगने से सोलर टैरिफ में वृद्धि हो रही है।
क्रूड ऑयल, गैस और कोल जैसे फ्यूल के प्राइसेज बढ़ने का असर सोलर सेगमेंट पर पड़ा है।
टैरिफ के महंगा होने पर राज्यों की पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां सोलर पावर खरीदने से पीछे हट सकती हैं और इससे रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों को नुकसान होगा।