China new covid cases: चीन में कोरोना से संक्रमण के नए मामलों ने फिर से चिंता बढ़ा दी है। इसका असर 21 नवंबर को शेयर बाजारों पर देखने को मिला। इंडिया सहित ज्यादातर एशियाई देशों के शेयर बाजार कमजोर खुले। इंडिया में BSE Sensex और NSE Nifty 50 में करीब 0.50 फीसदी तक की कमजोरी दिखी। उधर, MSCI का Asia-Pacific इंडेक्स 0.1 फीसदी कमजोर था। जापान के Nikkei में 0.3 फीसदी और दक्षिण कोरिया के Kospi में 1 फीसदी से ज्यादा कमजोरी दिखी। चीन में अधिकारियों ने बीजिंग के सबसे ज्यादा आबादी वाले जिले में लोगों को घरों में रहने को कहा है। वहां कोविड के मामलों में फिर से तेजी देखने को मिली है।
Guangzhou का कम से कम एक जिला पिछले पांच दिनों से लॉकडाउन में है। कई हिस्सों में फिर से कोविड के मामले बढ़ने से चीन में कोरोनों को लेकर सख्त पाबंदियां हटने की उम्मीदों को झटका लगा है। पिछले हफ्ते चीन में फिर से संक्रमण बढ़ने की खबरों से कच्चे तेली की कीमतों में 10 फीसदी की गिरावट आई थी।
इस हफ्ते गुरुवार को Thanksgiving holiday की छुट्टी है। फुटबॉल विश्व कप का असर भी ट्रेडिंग पर पड़ने का अनुमान है। इससे वॉल्यूम में कमी आ सकती है। हालांकि, Blak Friday Sales से कंज्यूमर्स के मूड का पता चलेगा। रिटेल सेल्स के ट्रेंड के बारे में भी संकेत मिलेंगे। उधर, अमेरिका में फेडरल रिजर्व की इंटरेस्ट रेट पर अंतिम मीटिंग के मिनट्स बुधवार को आने वाले हैं। इससे इंटरेस्ट रेट को लेकर फेडरल रिजर्व की सोच के बारे में पता चलेगा।
JPMorgan में रिसर्च हेड Bruce Kasman ने कहा, "हम अमेरिका में इनफ्लेशन में आ रही नरमी से राहत महसूस कर रहे हैं। यूरोप में ग्रोथ के आंकड़ों से भी अगले महीने मौद्रिक सख्ती में कमी की उम्मीद बंधी है। हालांकि, केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ाना तभी बंद करेंगे, जब उन्हें लेबर मार्केट में हालात बेहतर होने के ठोस संकेत मिलेंगे। अमेरिका, यूरोपीय संघ और इंग्लैंड की लेटेस्ट रिपोर्ट्स से लेबर डिमांड में हल्की नरमी आने के संकेत मिले हैं। वेजेज पर अभी दबाव बना हुआ है।"
30 नवंबर को अमेरिकी फेडरल बैंक के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की स्पीच होने वाली है। इससे पहले इस हफ्ते फेडरल रिजर्व के कम से कम चार अधिकारियों की स्पीच होने वाली है। इससे दिसंबर में इंटरेस्ट रेट पर होने वाली अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के नतीजों के बारे में अनुमान लगाया जा सकेगा।