क्रू़ड ऑयल की कीमतें 60 डॉलर से नीचे जा सकती हैं, डिमांड के मुकाबले ज्यादा सप्लाई का असर कीमतों पर पड़ेगा

क्रिस्टॉफ रुएल ने कहा कि अमेरिका-ईरान में डील और एनर्जी ट्रेड फ्लो के सामान्य होने से सप्लाई बढ़ेगी। उधर, क्रूड की सुस्त डिमांड ग्रोथ का असर मीडियम टर्म में इसकी कीमतों पर पड़ सकता है। क्रूड की ग्लोबल सप्लाई डिमांड के मुकाबले रोजाना 10 लाख बैरल ज्यादा है

अपडेटेड Jun 22, 2026 पर 4:34 PM
अमेरिका-ईरान में डील होने से अब कीमतें नीचे आ रही हैं।

क्रूड ऑयल की कीमतें गिरकर 60 डॉलर से नीचे जा सकती हैं। इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। क्रिस्टल एनर्जी में ग्लोबल एडवाइजर क्रिस्टॉफ रुएल ने यह अनुमान जताया है। उनका कहना है कि क्रूड की ग्लोबल सप्लाई डिमांड के मुकाबले रोजाना 10 लाख बैरल ज्यादा है। इस साल फरवरी के आखिर में मध्यपूर्व में तनाव बढ़ने पर क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। अमेरिका-ईरान में डील होने से अब कीमतें नीचे आ रही हैं।

एनर्जी ट्रेड फ्लो सामान्य होने से बढ़ेगी सप्लाई

क्रिस्टॉफ रुएल ने कहा कि अमेरिका-ईरान में डील और एनर्जी ट्रेड फ्लो के सामान्य होने से सप्लाई बढ़ेगी। उधर, क्रूड की सुस्त डिमांड ग्रोथ का असर मीडियम टर्म में इसकी कीमतों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि अमेरिका-ईरान में समझौता हो गया है। हालांकि, कुछ शर्तों को लेकर अब भी बातचीत जारी है। लेकिन, एक हफ्ते पहले के मुकाबले हालात बेहतर लगते हैं।"


ऑयल मार्केट ने नई स्थितियों से बैठाया है तालमेल

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में टेंशन की वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद मार्केट के बदली हुई स्थितियों के साथ जल्द तालमेल बैठाया। तेल उत्पादक देशों ने सप्लाई के लिए पाइपलाइन का ज्यादा इस्तेमाल किया और इसके दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल किया। रिफाइनरियों ने भी सप्लाई बनाए रखने के लिए ऑपरेशन में बदलाव किए। इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में मजबूती देखने को मिली।

बीते पांच दशकों में काफी बदली है ऑयल इंडस्ट्री

हालिया संकट पर ऑयल मार्केट की प्रतिक्रिया से यह पता चला कि बीते पांच दशकों में यह इंडस्ट्री कितनी बदल चुकी है। ग्लोबल इकोनॉमी को अब उत्पादन के लिए कम ऑयल की जरूरत है। इससे पहले की क्राइसिस के मुकाबले सप्लाई को लेकर कम झटका लगा। दुनियाभर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का बढ़ता इस्तेमाल ऑयल की कम खपत वाली गाड़ियों के आने का असर भी ऑयल की डिमांड पर पड़ा है।

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चीन के स्ट्रेटेजिक रिजर्व बनाने से कीमतों को मिलेगा सपोर्ट

ऑयल मार्केट्स के लिए चीन काफी अहम है। कीमतों में गिरावट आने पर चीन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व बना रहा है। इससे डिमांड को कुछ सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, ऑयल का बढ़ता उत्पादन, स्ट्रॉन्ग एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुस्त कंजम्प्शन ग्रोथ से मीडियम टर्म में क्रूड की कीमतों का आउटलुक कमजोर दिखता है। क्रूड की कीमतों में भारत जैसे देश के लिए अच्छी खबर है। भारत अपनी जरूरत का 90 फीसदी ऑयल इंपोर्ट से पूरी करता है।

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