Cochin Shipyard OFS: कोचिन शिपयार्ड के शेयर में सस्ते में निवेश का मिल सकता है मौका, जल्द आ रहा OFS

Cochin Shipyard OFS: कोचिन शिपयार्ड का ओएफएस सरकारी कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने के प्लान का हिस्सा है।कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस में सरकार मौजूदा प्राइस से करीब 6-8 फीसदी डिस्काउंट पर शेयर ऑफर कर सकती है

अपडेटेड Jun 22, 2026 पर 3:03 PM
कोचिन शिपयार्ड का शेयर 22 जून को 2:30 बजे 0.64 फीसदी की कमजोरी के साथ 1,448.60 रुपये पर चल रहा था।

Cochin Shipyard OFS: कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में 22 जून को बिकवाली का दबाव दिखा। इससे शेयर करीब 2 फीसदी तक फिसला। हालांकि, बाद में यह कुछ हद तक संभलने में सफल रहा। शेयरों पर दबाव की वजह एक खबर है। सीएनबीसी-टीवी18 ने बताया है कि सरकार जल्द कोचिन शिपयार्ड के लिए ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) पेश कर सकती है।

6-8 फीसदी डिस्काउंट पर आ सकता है ओएफएस

सीएनबीसी-टीवी18 के मुताबिक, कोचिन शिपयार्ड का ओएफएस सरकारी कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने के प्लान का हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस में सरकार मौजूदा प्राइस से करीब 6-8 फीसदी डिस्काउंट पर शेयर ऑफर कर सकती है। कोचिन शिपयार्ड का शेयर 22 जून को 2:30 बजे 0.64 फीसदी की कमजोरी के साथ 1,448.60 रुपये पर चल रहा था।


सरकार अब तक ओएफएस से 16000 करोड़ जुटा चुकी है

सरकार ने इस वित्त वर्ष में अब तक सरकारी कंपनियों में ओएफएस के जरिए शेयर बेचकर 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए हैं। सरकार ने बुधवार को बताया था कि उसने सरकारी रीइंश्योरेंस कंपनी जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। इस ओएफएस को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इस ओएफएस से करीब 3,000 करोड़ को मिलाकर सरकार ने अब तक FY27 में 16,000 करोड़ रुपये विनिवेश से जुटाए हैं।

जीआईसी आरई के ओएफएस को अच्छा रिस्पॉन्स

डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेटं (DIPAM) सेक्रेटरी अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में बताया था, "जीआईसी के ऑफर फॉर सेल को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। सरकार ने जीआईसी आरई में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। इसमें बेस का फुल सब्सक्रिप्शन और ग्रीन शू ऑफर शामिल हैं।"

इन कंपनियों का ओएफएस आ चुका है अब तक

सरकार ने इस साल जिन कंपनियों में ओएफएस के जरिए हिस्सेदारी बेची है, उनमें कोल इंडिया, एनएचपीसी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और एनएलसी इंडिया शामिल हैं। कोल इंडिया का ओएफएस 5,5542 करोड़ रुपये, एनएचपीसी का 4,357 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक का 2,266 करोड़ रुपये और एनएलसी इंडिया का 1,223 करोड़ रुपये का था। सरकार ने FY27 में पीएसयू में हिस्सेदारी की बिक्री और एसेट मॉनेटाइजेशन से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में तेजी 

22 जून को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। निफ्टी 0.51 फीसदी यानी 120 अंक चढ़कर 24,134 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.54 फीसदी यानी 419 अंक की मजबूती के साथ 77,217 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.44 फीसदी की तेजी दिखी। बाजार में तेजी की वजह अमेरिका-ईरान में डील की खबर है।

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