जियो प्लेटफॉर्म्स का डीआरएचपी फाइल होने के साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज वैल्यू-अनलॉकिंग की दिशा में एक कदम आगे बढ़ चुकी है। एनालिस्ट्स का कहना है कि यह (जियो प्लेटफॉर्म्स) रिलायंस इडस्ट्रीज का सबसे महत्वपूर्ण ग्रोथ बिजनेस है। जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। यह कंपनी में करीब 3 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर होगा। आईपीओ से आए पैसे के एक हिस्से का इस्तेमाल जियो प्लेटफॉर्म्स कर्ज चुकाने के लिए करेगी।
115-128 अरब डॉलर हो सकती है वैल्यूएशन
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 115-128 अरब डॉलर हो सकती है। रुपये में यह 12,00,000 करोड़ (128 अरब डॉलर) से ज्यादा होगा। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन भारती एयरटेल के करीब पहुंच जाएगी। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने बताया है कि भारती एयरटेल की वैल्यूएशन में एयरटेल अफ्रीका और इंडस टावर्स की वैल्यूएशन भी शामिल है।
भारती एयरटेल से ज्यादा होगी वैल्यूएशन
नोमुरा के मुताबिक, "इन इनवेस्टमेंट्स को एडजस्ट करने के बाद भारती एयरटेल की इंडियन टेलीकॉम बिजनेस की वैल्यूएशन करीब 10.6 लाख करोड़ रुपये यानी 113 अरब डॉलर बनती है।" ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इस तरह जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन प्रतिद्वंद्वी कंपनी भारती एयरटेल से थोड़ी ज्यादा होगी। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन करीब इसी रेंज में रहने का अनुमान जताया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि कर्ज को एडजस्ट करने के बाद जियो प्लेटफॉर्म की एंटरप्राइज वैल्यू 128 अरब डॉलर और इक्विटी वैल्यू करीब 114 अरब डॉलर रह सकती है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन होगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज की इंक्रीमेंटल एबिड्टा में डिजिटल का कंट्रब्यूशन 80 फीसदी हो सकता है। इस ग्रोथ में टैरिफ में इजाफा, वायरलेस मार्केट में बढ़ती हिस्सेदारी और होम ब्रॉडबैंड सर्विसेज के विस्तार का हाथ होगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.4 फीसदी हिस्सेदारी
ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.4 फीसदी हिस्सेदारी है। इसका मतलब है कि रिलायंस के शेयर में इसकी हिस्सेदारी प्रति शेयर 525 रुपये होगी। एनालिस्ट्स का कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से रिलायंस इंडस्ट्रीज के अगले चरण की वैल्यू क्रिएशन की शुरुआत होगी। ब्रोकरेज फर्में जियो के आईपीओ को रिलायंस इंडस्ट्रीज के कारोबारी सफर में मील के पत्थर के रूप में देख रही हैं। रिलायंस इडस्ट्रीज के शेयरों में 22 जून को तेजी दिखी। 1:15 बजे यह 1.15 फीसदी की तेजी के साथ 1,329 पर चल रहा था।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।