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Cyient DLM: सायंट के अपनी सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बेचने से क्या निवेशकों को चिंतित होना चाहिए?

इंडिया में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज सेक्टर में सायंट डीएलएम की स्थिति मजबूत है। कंपनी का फोकस बड़े क्लाइंट्स पर रहता है। अर्निंग्स ग्रोथ और वैल्यूएशन के बीच अच्छा फर्क है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 22, 2024 पर 7:25 PM
Cyient DLM: सायंट के अपनी सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बेचने से क्या निवेशकों को चिंतित होना चाहिए?
22 अगस्त को सायंट डीएलएम का शेयर 1.6 फीसदी गिर गया, जबकि सायंट के शेयरों में 4 फीसदी की तेजी दिखी।

सायंट ने अपनी सब्सिडयरी सायंट डीएलम में 14.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। ब्लॉक डील से होने वाले इस ट्रांजेक्शन से सायंट को 860 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस खबर का असर दोनों कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। 22 अगस्त को सायंट डीएलएम का शेयर 1.6 फीसदी गिर गया, जबकि सायंट के शेयरों में 4 फीसदी की तेजी दिखी। इंडिया में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज सेक्टर में सायंट डीएलएम की स्थिति मजबूत है। कंपनी का फोकस बड़े क्लाइंट्स पर रहता है। अर्निंग्स ग्रोथ और वैल्यूएशन के बीच अच्छा फर्क है।

टैक्स बाद मुनाफा 1.8 फीसदी बढ़ा

पिछले तीन साल में Cyient DLM की रेवेन्यू ग्रोथ की CAGR 24 फीसदी रही है। इस दौरान टैक्स के बाद मुनाफा 1.8 गुना बढ़ा है। FY24 में रेवेन्यू ग्रोथ में एयरोस्पेस और डिफेंस सेगमेंट्स का बड़ा हाथ रहा। दोनों सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ साल दर साल आधार पर क्रमश: 68 फीसदी और 86 फीसदी रही। आउटसोर्स्ड ईएमएस बिजनेस में आम तौर पर क्लाइंट्स के साथ कॉस्ट-प्लस मार्जिन अरैंजमेंट होता है।

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