Dabur Q2 Results: डाबर का मुनाफा 11.7% बढ़कर हुआ ₹506 करोड़! 350% डिविडेंड का ऐलान, नोट कर लें रिकॉर्ड डेट

Dabur Q2 Results: डाबर इंडिया का मुनाफा 11.7% बढ़कर 506 करोड़ रुपये रहा, लेकिन कच्चे माल की लागत से मार्जिन घटा। जानिए रेवेन्यू, EBITDA, HPC, हेल्थकेयर और फूड कारोबार का हाल, विदेशी कारोबार की ग्रोथ और 3.50 रुपये के अंतरिम डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट

अपडेटेड Nov 04, 2026 पर 6:01 PM
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डाबर इंडिया का Q2 FY27 में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 11.7% बढ़कर 506 करोड़ रुपये रहा।

FMCG कंपनी डाबर इंडिया ने बुधवार, 4 नवंबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 11.7% बढ़कर 506 करोड़ रुपये पहुंच गया। ये लगातार चौथी तिमाही है, जब डाबर के मुनाफे में दहाई अंक की बढ़त दर्ज हुई।

लेकिन कच्चे माल की बढ़ी लागत ने ऑपरेटिंग मार्जिन पर असर डाला और EBITDA मार्जिन 18.4% से घटकर 17.8% रह गया। इसके साथ ही कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों अनुमान के मुताबिक


तिमाही में डाबर का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 11.6% बढ़कर 3,563 करोड़ रुपये रहा। मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों मोटे तौर पर बाजार के अनुमान के मुताबिक रहे। CNBC-TV18 पोल में 505 करोड़ रुपये के मुनाफे और 3,562 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का अनुमान लगाया गया था। यानी दोनों आंकड़े अनुमान से 1-1 करोड़ रुपये ऊपर रहे।

EBITDA अनुमान से पीछे, मार्जिन 60 बेसिस प्वाइंट घटा

ऑपरेटिंग मोर्चे पर प्रदर्शन उम्मीद से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी का EBITDA 7.5% बढ़कर 632 करोड़ रुपये रहा, जबकि CNBC-TV18 पोल में 642 करोड़ रुपये का अनुमान था। मतलब EBITDA अनुमान से 10 करोड़ रुपये पीछे रह गया।

EBITDA मार्जिन एक साल पहले की तिमाही के 18.4% से घटकर 17.8% पर आ गया, जबकि एनालिस्ट्स ने 18% का अनुमान लगाया था। आसान हिसाब में देखें तो पिछले साल हर 100 रुपये की बिक्री पर 18.4 रुपये की ऑपरेटिंग कमाई बन रही थी, जो अब 17.8 रुपये रह गई। रेवेन्यू 11.6% बढ़ा, लेकिन EBITDA सिर्फ 7.5% बढ़ा, और यही फासला मार्जिन पर दबाव की तस्वीर दिखाता है।

CEO बोले, ग्रोथ हर तरफ से आई

डाबर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हरजीत एस भल्ला ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे माल की ऊंची लागत के दबाव के बावजूद कंपनी ने ग्रोथ दर्ज की है।

उन्होंने कहा, "जो बात मुझे भरोसा देती है, वो ये है कि ग्रोथ हर तरफ से आई है और इसके पीछे अच्छी अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ है।"

भारत का FMCG कारोबार 10.7% बढ़ा, प्रीमियम ब्रांड्स 4 गुना तेज

डाबर का भारत में FMCG कारोबार तिमाही के दौरान 10.7% बढ़ा। इसमें 5.5% की अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ का सहारा रहा, यानी बढ़त सिर्फ कीमतें बढ़ने से नहीं, बल्कि ज्यादा सामान बिकने से भी आई।

कंपनी के प्रीमियम ब्रांड्स की रफ्तार सबसे तेज रही। डाबर के मुताबिक प्रीमियम ब्रांड्स रेगुलर ब्रांड्स के मुकाबले 4 गुना तेजी से बढ़े और अब घरेलू कारोबार में इनकी हिस्सेदारी 20% हो गई है। मतलब घरेलू कारोबार के हर 100 रुपये में से 20 रुपये अब प्रीमियम ब्रांड्स से आ रहे हैं।

किराना दुकानों में लौटी रौनक, प्रोजेक्ट सक्षम का असर

तिमाही की एक अहम बात जनरल ट्रेड में सुधार रही। जनरल ट्रेड में मोहल्ले की किराना दुकानें और दूसरे पारंपरिक रिटेल आउटलेट आते हैं। इस चैनल ने तिमाही के दौरान मिड से हाई सिंगल डिजिट की ग्रोथ दर्ज की।

इस सुधार के पीछे कंपनी की प्रोजेक्ट सक्षम पहल का हाथ रहा। डाबर के मुताबिक इस पहल का मकसद डिस्ट्रिब्यूशन को मजबूत करना और पारंपरिक रिटेल चैनल में अपनी पहुंच बढ़ाना है।

शैंपू और हेयर ऑयल से HPC कारोबार को रफ्तार

डाबर का होम एंड पर्सनल केयर (HPC) कारोबार तिमाही में 10.9% बढ़ा और इसका रेवेन्यू 1,245 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस सेगमेंट में शैंपू और हेयर ऑयल ने हाई डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की, जबकि होम केयर कारोबार भी दहाई अंक में बढ़ा।

हेल्थकेयर 6.9% बढ़ा, फूड एंड बेवरेजेज सबसे आगे

हेल्थकेयर कारोबार 6.9% बढ़कर 645 करोड़ रुपये रहा। इसे डाइजेस्टिव प्रोडक्ट्स और ओवर द काउंटर (OTC) प्रोडक्ट्स की मांग का सहारा मिला। कंपनी के मुताबिक डाइजेस्टिव्स, OTC और एथिकल प्रोडक्ट्स कारोबार ने मजबूत डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की।

फूड एंड बेवरेजेज सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी बनी रही। ये कारोबार 17.4% बढ़कर 379 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़त के पीछे फूड्स का मजबूत प्रदर्शन और बेवरेजेज पोर्टफोलियो में पिछली तिमाही के मुकाबले सुधार रहा।

विदेशी कारोबार में 20% की बढ़त

डाबर के इंटरनेशनल कारोबार ने तिमाही के दौरान रुपये के हिसाब से 20% की ग्रोथ दर्ज की। इसमें बांग्लादेश, मिस्र, सब-सहारा अफ्रीका और तुर्की के मजबूत प्रदर्शन का बड़ा हाथ रहा। कंपनी के मुताबिक FY27 की पहली छमाही में इंटरनेशनल कारोबार 19.4% बढ़ा है।

पहली छमाही में मुनाफा 13.4% बढ़कर 1,096 करोड़ रुपये

सितंबर 2026 में खत्म हुई छमाही में डाबर का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.4% बढ़कर 1,096 करोड़ रुपये रहा। इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 11.1% बढ़कर 7,327 करोड़ रुपये पहुंच गया।

3.50 रुपये का अंतरिम डिविडेंड, रिकॉर्ड डेट 10 नवंबर

नतीजों के साथ डाबर के बोर्ड ने FY27 के लिए 3.50 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। Informist के मुताबिक इस पर कंपनी का कुल भुगतान 620.88 करोड़ रुपये का होगा। अगर किसी निवेशक के पास डाबर के 100 शेयर हैं, तो उसे 350 रुपये का डिविडेंड मिलेगा।

डिविडेंड पाने के हकदार शेयरहोल्डर्स तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट 10 नवंबर 2026 रखी गई है। यानी इस तारीख तक जिन निवेशकों का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में शेयरहोल्डर के तौर पर दर्ज होगा, उन्हें ही ये डिविडेंड मिलेगा।

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