लंबे बुलरन के बाद पिछले हफ्ते भारतीय बाजार अपने रिकॉर्ड हाई से 8 फीसदी से ज्यादा टूटे। 25 नवंबर को भारतीय निवेशकों ने एक ही दिन में 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की पूंजी गवां दी। पिछले कारोबारी दिन बाजार में करीब 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। सेसेंक्स 1687.9 प्वाइंट टूट गया । वहीं निफ्टी में 509.8 अंकों की गिरावट देखने को मिली।
लेकिन इसके बावजूद Elara SecuritiesIndia के मैनेजिंग डायरेक्टर हरेंद्र कुमार का कहना है कि चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है। बाजार की नजरें कंपनियों के नतीजों में मजबूती और ब्याज दरों पर है। अगर इस मोर्चे पर स्थितियां उम्मीद के अनुरुप रहती है तो बाजार में मजबूती कामय रहेगी। हरेंद्र कुमार ने यह बातें मनीकंट्रोल के साथ हुई अपनी बातचीत में कही है।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि किसी बढ़ते बाजार में आनेवाला इस तरह का करेक्शन बाजार में मजबूती और गति के लिए अच्छा संकेत है। बुलमार्केट की संभावनाएं पूरी तरफ से मजबूत बनी हुई है। इस समय किसी काउंटर बीयर मार्केट ट्रेन्ड की संभावना नजर नहीं आ रही है ।
इस बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय बाजारों की ओवरऑल स्थिति मजबूत है लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मिड और स्मॉलकैप स्पेस में वैल्यूएशन वास्तिवकता से कुछ ज्यादा नजर आ रहा है। ऐसे में हमें बीच-बीच में करेक्शन दिखना स्वाभाविक है । यह बाजार के लिए अच्छा भी रहेगा।
रिजर्व बैंक की अगली पॉलिसी मीट दिसंबर में ही होने वाली है। इससे जुड़े सवाल का जबाव देते हुए हरेंद्र कुमार ने कहा कि पूरी दुनिया में सप्लाई के दिक्कतों से आनेवाली महंगाई से निपटने के लिए आपसी सहयोग देखने को मिल रहा है। हालांकि महंगाई के लॉन्ग टर्म ट्रेन्ड पर अभी आम राय साफ नहीं है लेकिन हमारा मानना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों के गर्वनर ब्याज दरों पर निर्णय लेने के पहले सप्लाई चेन और लेबर मार्केट के नॉर्मल होने का इंतजार करेंगे। इस मोर्चे पर बाजार से किसी नेगेटिव एक्शन के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
भारतीय इक्विटीज में एफआईआई की बिकवाली पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यूएस डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी और कम जोखिम वाले निवेश विकल्पों की तरफ मनी के प्रवाह ने भारतीय बाजारों में एफआईआई की बिकवाली बढ़ा दी है। यह उम्मीदों के अनुरुप ही है। लेकिन इससे ट्रेन्ड पर कोई बदलाव नहीं होगा। सेकेंडरी मार्केट के विपरीत प्राइमरी मार्केट में मजबूत फ्लो देखने को मिल रहा है। इमरजिंग मार्केट बॉस्केट में कुछ पैसा अब फिर चाइनीस बाजार की तरफ लौट रहा है यह सब कुछ उम्मीद के अनुरुप ही है। इसमें कुछ अप्रत्याशित नहीं है। इससे अच्छे निवेश डिस्टिनेशन के तौर पर भारत के आर्कषण पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।
उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि 2022 में इकोनॉमी रिकवरी का वास्तविक परीक्षण होगा। जिसको ध्यान में रखते हुए खपत से जुड़े सेक्टर, रियल एस्टेट और फाइनेशिंयल सेक्टर से जुड़े शेयर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलिटी वाले शेयर भी हमारे रडार पर रहने चाहिए।