Daily Voice : कुछ कंपनियों के गाइडेंस से पता चलता है कि आने वाली तिमाही में आईटी कंपनियों की रेवेन्यू बॉटम आउट होती दिखेगी। रेवेन्यू ग्रोथ के लिहाज से अगली तिमाही आईटी सेक्टर के लिए सबसे निचली तिमाही होने की संभावना है। इसके बाद इसमें सुधार दिखना शुरू होगा। इसके अलावा हाल ही में हुई कई मेगा डील के साथ भारतीयआईटी कंपनियों के डील पाइपलाइन में तेज उछाल देखने को मिला है। जिससे आईटी कंपनियों के लिए वित्तवर्ष 2024 की मजबूत क्लोजिंग की संभावना नजर आ रही है। ये बातें मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में बीएनपी पारिबा इंडिया के कुणाल वोरा ने कही हैं।
साल 2024 के लिए अपनी पंसदीदा थीम्स पर बात करते हुए इक्विटी रिसर्च में एक लंबा अनुभव रखने वाले कुणाल वोरा ने कहा कि उनका मानना है कि बड़े निजी बैंकों अभी ज्यादा तेजी नहीं आई और ये मजबूत बुनियादी बातों के बावजूद अपने ऐतिहासिक वैल्यूएशन से काफी कम भाव पर कारोबार कर रहे हैं। आगे इनमें अच्छी तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा कुणाल को इंफ्रा सेक्टर के भी कुछ शेयर पसंद हैं। उनका मानना है कि सरकार चुनावी वर्ष में भी लोकलुभावन होने के बजाय बुनियादी ढांचे के खर्च पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। फायदा इंफ्रा सेक्टर के शेयरों को मिलेगा।
फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ी री-रेटिंग की संभावना से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कुणाल ने कहा कि वे फार्मा से ज्यादा हेल्थ केयर को प्राथमिकता देते हैं। बढ़ती आबादी, बढ़ते मध्यम वर्ग और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते अनुपात जैसे कारणों पर विचार करने पर लॉन्गटर्म के नजरिए से हेल्थ केयर और फार्मा दोनों अच्छे दिख रहे हैं। लेकिन मध्यम अवधि में फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर के लिए की चुनौतियां दिख रही हैं। ऐसे में इसमें चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगाने की सलाह होगी।
बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए उन्होंने का कि बाजार के प्रदर्शन पर असर डालने वाले तमाम कारक अभी सकारात्मक हैं। अमेरिका में 10 ईयर बॉन्ड यील्ड में 5 फीसदी का आंकड़ा छूने के बाद तेजी से गिरावट आई है। कच्चे तेल की कीमत में नरमी आई है। भारतीय जीडीपी डेटा मजबूत रहा है। महंगाई की चिंताएं कम हो गई हैं। बाजार ने हाल के राज्य चुनाव परिणाम अच्छे लेगे क्योंकि इससे 2024 में आगामी राष्ट्रीय चुनाव के बारे में चिंताएं कम हो गई हैं।
कॉर्पोरेट आय मजबूत रही है। घरेलू निवेश में भी मजबूती है। विदेशी निवेश भी बढ़ता दिख रहा है है। इन कारकों के चलते बाजार में तेजी आई है, खासकर मिड और स्मॉल-कैप में। हालांकि बाजार में वैल्यूएशन के लेकर कुछ चिंता है। अगर दूसरे सभी कारक पॉजिटिव रहते हैं तो हमारा मानना है कि ऐतिहासिक औसत की तुलना में वैल्यूशन ज्यादा रह सकता है।
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