Get App

Daily Voice : पहली तिमाही के नतीजों में इन तीन चीजों पर रखें नजर, Green Portfolio के दिवम शर्मा ने इनवेस्टर्स को दी सलाह

दिवम शर्मा को इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट का 13 साल का अनुभव है। निवेशकों को उन्होंने आईटी कंपनियों के गाइडेंस पर गौर करने को कहा। पिछले कुछ समय से आईटी कंपनियों खासकर बड़ी आईटी कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं है। निवेशकों को बैंकों के जून तिमाही के नतीजों पर भी ध्यान रखना होगा। इसकी वजह यह है कि बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jul 08, 2023 पर 11:20 AM
Daily Voice : पहली तिमाही के नतीजों में इन तीन चीजों पर रखें नजर, Green Portfolio के दिवम शर्मा ने इनवेस्टर्स को दी सलाह
शर्मा ने कहा कि हमें करेंट अकाउंट डेफिसिट कम रहने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है हमारा इंपोर्ट बिल कम रहेगा। कमोडिटी खासकर क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी का रुख है। इंपोर्ट बिल कम रहने का मतलब है कि हमें दूसरे देशों से गुड्स और सर्विसेज का कम इंपोर्ट करना पड़ेगा।

नतीजों का सीजन शुरू होने जा रहा है। कंपनियों अगले हफ्ते से जून तिमाही के नतीजों का ऐलान करना शुरू कर देंगी। Green Portfolio PMS के फाउंडर दिवम शर्मा ने बताया है कि इन नतीजों में निवेशकों को किन चीजों पर खास ध्यान रखना चाहिए। शर्मा को इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट का 13 साल का अनुभव है। निवेशकों को उन्होंने आईटी कंपनियों के गाइडेंस पर गौर करने को कहा। पिछले कुछ समय से आईटी कंपनियों खासकर बड़ी आईटी कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं है। निवेशकों को बैंकों के जून तिमाही के नतीजों पर भी ध्यान रखना होगा। इसकी वजह यह है कि बैंकिंग शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। बाजार की तेजी में उनकी बड़ी भूमिका है। शर्मा ने मनीकंट्रोल से बातचीत में स्टॉक मार्केट्स और इनवेस्टमेंट पर खुलकर चर्चा की।

विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी इंडिया में बनी रहेगी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के निवेश के बारे में उन्होंने कहा कि इस ट्रेंड के जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इस बार की मार्केट रैली में FPI का पार्टिसिपेशन सबसे कम रहा है। लेकिन, यह सही है कि कैपिटल एलोकेशन के लिहाज से इंडिया आज हर संस्थागत निवेशकों के दिमाग में सबसे पहले है। बीच-बीच में वैश्विक वजहों से इस निवेश में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। लेकिन, लंबी अवधि में इस निवेश के जारी रहने की उम्मीद है। इस निवेश और इंटरेस्ट रेट में नरमी से मार्केट की वैल्यूएशंस बहुत हाई लेवल पर पहुंच सकती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें