BharatPe के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने फंड जुटाने की PharmEasy की कोशिशों को कंपनी के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने यहा तक कहा है कि इससे उसके फाउंडर्स और एंप्लॉयीज के लिए आगे का रास्ता बंद हो सकता है। इसकी वजह उन्होंने एंटी डायल्यूटिव क्लॉज (anti dilutive clause) को बताया है। फार्मइजी करीब 2,400 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बना रही है। कंपनी यह पैसा राइट्स इश्यू से जुटाना चाहती है। बताया जाता है कि वह अपनी पिछली वैल्यूएशन से 90 फीसदी कम कीमत पर इनवेस्टर्स को शेयर जारी करेगी। कंपनी राइट्स इश्यू से मिले पैसे का इस्तेमाल Goldman Sachs का लोन चुकाने के लिए करेगी।
डाउन राउंड का मतलब क्या है?
कम वैल्यूएशन पर फंड जुटाने को आम तौर पर 'डाउन राउंड' कहा जाता है। इसमें एंटी-डायल्यूटिव क्लॉज होता है, जिससे कंपनी के फाउंडर्स और एंप्लॉयीज को बहुत लॉस उठाना पड़ सकता है। ग्रोवर ने कहा है कि कम वैल्यूएशन और एंटी डायल्यूटिव क्लॉज का मतलब फाउंडर्स और एंप्लॉयीज के लिए 'Sudden Death' जैसा है। कंपनी में इनवेस्टमेंट के एग्रीमेंट में एंटी डायल्यूटिव क्लॉज शामिल होता है। यह निवेशकों के हित में होता है। इसका मतलब है कि अगर कंपनी भविष्य में नए निवेशकों से पैसे जुटाती है तो इसके चलते पुराने निवेशकों की कंपनी में हिस्सेदारी पर असर नहीं पड़ना चाहिए।
क्यों होगा फार्मइजी के फाउंडर्स को लॉस?
भारतपे के को-फाउंडर ने कहा कि इस इनवेस्टमेंट में एंटी-डायल्यूटिव क्लॉज लागू होगा, जिसका मतलब है कि जिन वेंचर कैपिटल इनवेस्टर्स ने फार्मइजी में ज्यादा शेयर प्राइस पर इनवेस्ट किया है, उन्हें अतिरिक्त शेयर बहुत कम प्राइस पर मिलेंगे, जिससे उनके शेयरों का एवरेज कॉस्ट प्राइस काफी घट जाएगा। इससे पिछले फंडिंग राउंड में जिन वीसी इनवेस्टर्स ने 55 रुपये प्रति शेयर प्राइस पर इनवेस्ट किया होगा, उन्हें अतिरिक्त 10 गुना शेयर फ्री में मिल जाएंगे। इससे उनके शेयर का एवरेज कॉस्ट प्राइस घटकर प्रति शेयर 5 रुपये पर आ जाएगा। साथ ही कंपनी में फाउंडर्स और एंप्लॉयीज की हिस्सेदारी में भी बड़ी कमी आएगी।
फार्मइजी ने गिरवी रखे थायरोकेयर के स्टॉक्स
इससे पहले फार्मइजी ने 2022 में करीब 28.5 करोड़ ड़ॉलर जुटाए थे। उसने पहले लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए ये पैसे जुटाए थे। मनीकंट्रोल ने 5 जुलाई को अपनी खबर में यह संकेत दिया था कि फार्मइजी को थायरोकेयर के शेयरों को लोन लेने के लिए गिरवी रखना पड़ा था।