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Daily Voice : ग्लोबल AI थीम से जुड़े शेयरों के वैल्यूएशन को लेकर रहें सतर्क, अगले 6-9 महीनों में मार्केट के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने की संभावना कम

Daily Voice : ग्लोबल AI थीम के स्ट्रक्चरल पहलू को लेकर सकारात्मक नजरिया है लेकिन वैल्यूएशन को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार के एक दायरे में रहने की संभावना है,लेकिन अगले 6-9 महीनों में इसके रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने की उम्मीद कम है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 28, 2026 पर 1:29 PM
Daily Voice : ग्लोबल AI थीम से जुड़े शेयरों के वैल्यूएशन को लेकर रहें सतर्क, अगले 6-9 महीनों में मार्केट के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने की संभावना कम
Daily Voice : बाजार के लिए कई चुनौतियां हैं। इनमें से पहली है,वैल्यूएशन। मार्केट में अभी भी अभी भी कुछ लोग यह मानकर चल रहे हैं सब कुछ एकदम सही तरीके से होगा। ऐसे में अगर अर्निंग उम्मीद के मुताबिक नहीं रही,तो नुकसान से बचने की गुंजाइश बहुत कम होगी

Daily Voice : INVasset PMS के पार्टनर और फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि नैस्डैक कंपोजिट में हालिया गिरावट महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन में आया बदलाव है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। वह इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव हैं,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधान हैं। उनका मानना ​​है कि पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इनका रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

उनके मानना है कि बाजार के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि अर्निंग का स्तर वैल्यूएशन के बराबर हो और ग्लोबल वोलैटिलिटी कम हो। लेकिन इस दौरान इनमें से किसी की भी गारंटी नहीं है। इसलिए,अगले छह से नौ महीनों में बाजार के एक सीमित दायरे में रहने और खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की ज्यादा संभावना है। अगर अर्निंग अच्छी रहती है,तो दूसरी छमाही में बाजार धीरे-धीरे ऊपर जा सकता है।

क्या आपको लगता है कि ग्लोबल AI स्टॉक्स में अभी भी काफी बढ़त की गुंजाइश है,या आप टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में हालिया गिरावट को लेकर चिंतित हैं?

ग्लोबल AI में आसानी से मिलने वाले फायदे का ज्यादातर हिस्सा पहले ही हासिल किया जा चुका है। हाल की गिरावट (जिसमें सेमीकंडक्टर सेक्टर की वैल्यूएशन में एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कमी आई और नैस्डैक में एक ही सेशन में जबरदस्त गिरावट देखी गई) असल में महीनों से चली आ रही बहुत ज्यादा उम्मीदों के बाद वैल्यूएशन का रीसेट है,न कि फंडामेंटल्स में कोई बड़ी गिरावट। इस स्ट्रक्चरल थीम को लेकर तो पॉज़िटिव नजरिया है,लेकिन इसके वैल्यूएशन को लेकर सावधानी की जरूरत है। पिछले दो सालों में हुई बड़ी री-रेटिंग के मुकाबले,अब इस सेक्टर का रिटर्न ज्यादातर चुनिंदा शेयरों और कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगा।

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